शोभायात्रा और महा नाटी के साथ पालमपुर होली मेले की शानदार शुरुआत
शोभायात्रा और महा नाटी के साथ पालमपुर होली मेले की शानदार शुरुआत

Author : Rajesh Vyas

March 2, 2026 1:09 p.m. 133

देवभूमि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान को सहेजते हुए पालमपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ऐतिहासिक होली मेले का आज भव्य शोभायात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक लोक वाद्यों की मधुर स्वर लहरियों और रंग-बिरंगी झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा ने पूरे नगर को उत्सव के रंगों में रंग दिया। वातावरण में उल्लास, उत्साह और पारंपरिक लोकसंस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।

मेले का शुभारंभ पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पालमपुर का यह ऐतिहासिक मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।

शोभायात्रा पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह से आरंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई गांधी ग्राउंड तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों और प्रतिभागियों ने लोकनृत्य एवं लोकगीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस शोभायात्रा में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं, महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक पहाड़ी वेशभूषा में सजे कलाकारों की प्रस्तुति ने हिमाचल की समृद्ध लोक परंपरा की जीवंत झलक पेश की।

गांधी मैदान में पहुंचकर महा नाटी का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने एक साथ पारंपरिक नृत्य कर एकता और सामूहिकता का संदेश दिया। यह दृश्य अत्यंत मनमोहक और आकर्षक रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया।

अपने संबोधन में विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोकर रखें और समाज के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने आयोजन समिति और प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। इससे स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों और व्यापारियों को भी मंच और अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने सभी से मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की।

मेले के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर एसडीएम एवं मेला समिति अध्यक्ष ओ.पी. यादव, वूल फेडरेशन के मंडल सदस्य त्रिलोक चंद, महापौर गोपाल नाग, उपमहापौर राज कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पार्षदगण, व्यापार मंडल के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पालमपुर का यह राज्य स्तरीय ऐतिहासिक होली मेला न केवल रंगों और उमंग का पर्व है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और पारंपरिक विरासत का भी प्रतीक है। आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

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