Post by : Himachal Bureau
कुल्लू जिला मुख्यालय के बहुउद्देश्यीय भवन में उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में राजस्व और शहरी विकास से संबंधित अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, एसडीएम कुल्लू निशांत ठाकुर, एसडीएम मनाली रमन शर्मा, एसडीएम बंजार पंकज शर्मा, एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट, जिला राजस्व अधिकारी सुरभि नेगी के साथ-साथ समस्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने राजस्व मामलों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंतकाल, पार्टीशन (बंटवारा), सीमांकन और अतिक्रमण से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों के शीघ्र समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने इंतकाल और ऑनलाइन इंतकाल की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर बल दिया, ताकि आम जनता को समय पर राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पेशल रिलीफ फंड, पीडीएनए, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य राहत मामलों में पारदर्शिता एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों के लिए अनुदान, मुआवजा प्रकरणों के डिजिटलीकरण और राहत प्रकरणों के शीघ्र निपटारे पर भी विशेष जोर दिया।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी राजस्व मामले को एक वर्ष से अधिक लंबित नहीं रहने दिया जाए। इसके लिए सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ कानूनगों एवं पटवारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने के आदेश दिए गए। उन्होंने राजस्व मामलों में देरी को रोकने हेतु कानूनगों और पटवारियों के पुनःसंलग्नन के प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। बैठक में वन अधिकार समिति से जुड़े मामलों और पावर प्रोजेक्ट्स के सरकारी भूमि लीज से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में जिला के स्थानीय शहरी निकायों के साथ भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर परिषद कुल्लू, मनाली, भुंतर, निरमंड और बंजार के अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा हॉटस्पॉट्स और लावारिश पशुओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों की स्वच्छता और सुव्यवस्थित विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाए, ताकि कार्यों की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निष्पादन करने, नगर परिषदों को निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करने और संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता और शहरी विकास से जुड़े कार्यों में नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर जीवनशैली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इस बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे राजस्व और शहरी विकास से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें, ताकि आम जनता को समय पर न्याय, सुविधा और राहत मिल सके।
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