कांगड़ा में धार्मिक एकता का संदेश, राज्यपाल ने किया मुख्य दरबार साहिब का उद्घाटन
कांगड़ा में धार्मिक एकता का संदेश, राज्यपाल ने किया मुख्य दरबार साहिब का उद्घाटन

Post by : Himachal Bureau

June 17, 2026 12:32 p.m. 121

कांगड़ा जिले के फतेहपुर स्थित श्री सर्व धर्म पीठ तपोस्थान गुरुद्वारा श्री नानक ज्योत साहिब में नव निर्मित मुख्य दरबार साहिब का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, धार्मिक नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा।

राज्यपाल ने इस अवसर पर दरबार साहिब के निर्माण और विकास में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्थल केवल एक पूजा स्थल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके अनुसार यह स्थान विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाने का कार्य कर रहा है, जिससे समाज में आपसी सम्मान और सहयोग की भावना मजबूत होती है। गुरुद्वारा श्री नानक ज्योत साहिब आज क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने इस पवित्र स्थान के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि प्रथम सिख गुरु गुरु नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी के दौरान इस स्थान पर ठहरे थे। क्षेत्र में मिले प्राचीन धार्मिक अवशेष, पुराना नागनी माता मंदिर और पवित्र वटवृक्ष इस स्थान की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाते हैं। लंबे समय से यह क्षेत्र साधना, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन का केंद्र माना जाता रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी द्वारा दिया गया समानता, सत्य, करुणा और निस्वार्थ सेवा का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने मुख्य सेवादार संत बाबा श्री लवप्रीत जी महाराज के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में यह स्थान विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच सौहार्द और सहयोग का उदाहरण बन रहा है। सर्व धर्म पीठ की अवधारणा भारत की उस परंपरा को मजबूत करती है, जहां सभी धर्मों और विचारों का सम्मान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना, देवी मंदिर और अखंड ज्योति का होना भारतीय संस्कृति की समावेशी सोच को दर्शाता है। यह व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत समान भाव से किया जाता है। सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक एकता की यह भावना समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सत्य, न्याय और मानवता के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को साहस और सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे की लत समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा, धार्मिक गतिविधियों और सकारात्मक कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया। उनके अनुसार परिवार, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक संगठन, समाज और सरकार मिलकर ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। नशा मुक्त हिमाचल का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सभी वर्ग मिलकर इस दिशा में प्रयास करेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि नव निर्मित मुख्य दरबार साहिब आने वाले समय में आध्यात्मिक उन्नति, सामाजिक सेवा और मानव कल्याण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यह स्थान नई पीढ़ी को मानवता, सेवा और भाईचारे के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देगा। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. राजन सुशांत, जम्मू के पूर्व विधायक अश्विनी कुमार शर्मा, विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव का मजबूत संदेश दिया।

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