महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, नेतृत्व और उत्कृष्टता को अपनाना आवश्यक : कुलपति
महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, नेतृत्व और उत्कृष्टता को अपनाना आवश्यक : कुलपति

Author : Rajesh Vyas

March 7, 2026 5:56 p.m. 112

चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से विश्वविद्यालय के डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना, विद्यार्थियों में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिला सशक्तिकरण के महत्व को समझाना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. डॉ. अशोक कुमार पांडा उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने पशु चिकित्सा विज्ञान, कृषि, अनुसंधान और प्रशासन के क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में और पशुधन विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुलपति ने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि उन्हें अपने जीवन और करियर में समानता, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि महिलाओं का समाज में योगदान अनमोल है और इसे हमेशा सम्मानित किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रतिष्ठित पूर्व छात्रा और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी डॉ. तरुणा कमल ने विद्यार्थियों को एक प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने जीवन और करियर की यात्रा साझा की, जिसमें उन्होंने एक पशु चिकित्सा स्नातक से सफल सिविल सेवक बनने तक की कठिनाइयों और उपलब्धियों का वर्णन किया। डॉ. कमल ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें दृढ़ संकल्प एवं मेहनत से प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के विरुद्ध अपराध, साइबर सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। डॉ. कमल ने बताया कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का होना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम को और अधिक रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें कविता पाठ, गायन और नारा लेखन जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं का विषय महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता था।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पल्लवी भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में सशक्त बनाने की आवश्यकता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने न केवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, बल्कि अपने विचार और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि समाज में महिलाओं की समान भागीदारी और उनके अधिकारों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास और प्रगति का आधार है।

कुलपति और अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे जीवन में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को हमेशा सम्मान दें और समाज में समानता का संदेश फैलाएं।

चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान देने के साथ ही समाज में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता फैलाने का कार्य भी करते हैं। विश्वविद्यालय ने यह सुनिश्चित किया कि विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और नेतृत्व कौशल की समझ विकसित हो।

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