बिलासपुर में नलवाड़ी मेले की तैयारियां तेज, उपायुक्त ने किया मेला स्थल का निरीक्षण
बिलासपुर में नलवाड़ी मेले की तैयारियां तेज, उपायुक्त ने किया मेला स्थल का निरीक्षण

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

March 7, 2026 10:31 a.m. 114

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इस वर्ष यह मेला 17 मार्च से 23 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन को सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

इसी क्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मेले की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने लक्ष्मी नारायण मंदिर से लेकर लुहणु मेला मैदान तक पूरे मार्ग का दौरा किया और वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से संबंधित सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से शोभा यात्रा के निर्धारित मार्ग का जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद बिलासपुर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शोभा यात्रा के मार्ग पर सड़कों से संबंधित सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहतर होनी चाहिए। पूरे मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर परिषद को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नलवाड़ी मेला केवल बिलासपुर जिले का ही नहीं बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इसलिए सभी विभागों को मिलकर बेहतर तालमेल के साथ काम करना होगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने निरीक्षण के दौरान लुहणु मेला मैदान का भी दौरा किया। उन्होंने यहां मेले के दौरान होने वाली गतिविधियों और कार्यक्रमों के लिए बनाई जा रही व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के आरंभ होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से तैयार हो जानी चाहिए। मेला मैदान में सुरक्षा, स्वच्छता, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपायुक्त ने कहा कि मेले में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए कि हर आगंतुक को बेहतर अनुभव मिले।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अखाड़ा मैदान का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अखाड़ा मैदान का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यहां आयोजित होने वाली पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिताओं के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

नलवाड़ी मेले की एक खास पहचान पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिताएं भी हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इन प्रतियोगिताओं में प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के पहलवान भी भाग लेते हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अखाड़ा मैदान में सुरक्षा और दर्शकों की बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि प्रतियोगिताएं सुचारू रूप से आयोजित हो सकें।

मेले में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को मेला स्थल पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान हजारों की संख्या में लोग मेला स्थल पर पहुंचते हैं, इसलिए स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए विभाग को पहले से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त ने हॉकी मैदान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि जल स्तर बढ़ने के कारण मैदान के कुछ हिस्सों में दलदल की स्थिति बन गई है। इस संबंध में उन्होंने नगर परिषद बिलासपुर को निर्देश दिए कि मेले के शुरू होने से पहले मैदान की स्थिति को पूरी तरह ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि मैदान को समतल और सुरक्षित बनाया जाए ताकि मेला देखने आने वाले लोगों और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी मरम्मत और सुधार कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। नलवाड़ी मेला हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मेलों में से एक माना जाता है। यह मेला प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस मेले में पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल प्रतियोगिताएं और विभिन्न प्रकार के व्यापारिक स्टॉल भी लगाए जाते हैं। स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को भी इस मेले में अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

हर वर्ष इस मेले में हजारों की संख्या में लोग भाग लेते हैं और यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपायुक्त राहुल कुमार ने निरीक्षण के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि इस वर्ष नलवाड़ी मेले को और अधिक भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से अपने कार्य पूरे करने होंगे। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियों की जानकारी उपायुक्त को दी। प्रशासन का लक्ष्य है कि नलवाड़ी मेला 2026 को पूरी तरह सफल बनाया जाए और मेले में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं। इसके लिए प्रशासन लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहा है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहा है।

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