Post by : Himachal Bureau
जवाली। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पौंग बांध के बीच स्थित कुठेड़ा टापू पर फंसी 26 गायों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पानी से चारों ओर घिरे इस टापू पर गौवंश पिछले करीब 10 से 11 दिनों से फंसा हुआ था। समय रहते शुरू किए गए बचाव अभियान के चलते सभी गायों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में पानी का स्तर बढ़ने के कारण टापू तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय समाजसेवियों ने प्रशासन से संपर्क कर रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की।
बचाव अभियान में तहसीलदार फतेहपुर दीपक शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टापू तक पहुंचने के लिए नाव के साथ वन्य प्राणी विभाग की मोटरबोट का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी अभियान में सहयोग किया। टीम ने सावधानी के साथ टापू पर मौजूद सभी 26 गायों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
स्थानीय समाजसेवी रमेश दत्त कालिया के अनुसार गायों को बाहर निकालने के कुछ समय बाद ही टापू पानी में डूबने लगा। उन्होंने दावा किया कि यदि रेस्क्यू अभियान में और देरी होती तो गौवंश की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बढ़ते जलस्तर के कारण गायों के लिए टापू पर सुरक्षित जगह लगातार कम होती जा रही थी।
गायों के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने नाव के माध्यम से टापू तक पहुंचकर स्थिति देखी थी। इसके बाद प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी गई और औपचारिक बचाव अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी सहयोग किया, जिससे सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिली।
read also: पेपर लीक पर CM सुक्खू सख्त, दोषियों को जेल भेजने की चेतावनी
पौंग बांध, जिसे महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी जाना जाता है, कांगड़ा जिले में ब्यास नदी पर बना विशाल जलाशय है। यह क्षेत्र वन्यजीव और आर्द्रभूमि के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने से जलाशय के भीतर मौजूद छोटे टापू और निचले इलाके पानी से घिर सकते हैं। ऐसे में पशुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए समय पर सूचना और प्रशासनिक निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। कुठेड़ा टापू पर हुआ यह रेस्क्यू अभियान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच तालमेल का उदाहरण बना, जहां समय पर कार्रवाई से 26 गायों को सुरक्षित बचाया जा सका।
पालमपुर में स्कूली छात्रों को पोषण और आधुनिक खेती का प्रशिक्...
पालमपुर में नेक्स्ट जनरेशन कार्यक्रम शुरू हुआ। छात्रों को पोषण, संतुलित आहार, मोटे अनाज और आधुनिक खे
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल