हिमाचल सरकार की कमाई में आबकारी का बड़ा हिस्सा, 3 साल में 8 हजार करोड़ पार
हिमाचल सरकार की कमाई में आबकारी का बड़ा हिस्सा, 3 साल में 8 हजार करोड़ पार

Post by : Himachal Bureau

Sept. 3, 2026 2:21 p.m. 177

शिमला। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए आबकारी, वस्तु एवं सेवा कर यानी GST और VAT राजस्व के महत्वपूर्ण स्रोत बने हुए हैं। विधानसभा में सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार तीन वित्त वर्षों में आबकारी मद से प्रदेश को करीब 8,353 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। इसी अवधि में GST से 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की आय दर्ज की गई। विधानसभा में विधायक त्रिलोक जम्वाल के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व से जुड़े ये आंकड़े साझा किए।

आबकारी राजस्व में लगातार बढ़ोतरी

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 में आबकारी से 2,692.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। अगले वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 2,776.41 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में आबकारी से मिलने वाला राजस्व और बढ़कर 2,884.48 करोड़ रुपये पहुंच गया। इन तीन वर्षों को मिलाकर प्रदेश को करीब 8,353.22 करोड़ रुपये की आय हुई। इससे पहले 2022-23 में आबकारी राजस्व 2,216.34 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भी आबकारी से आय जारी है। एक अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक प्रदेश सरकार को इस मद से 934.17 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है।

GST से तीन साल में 17 हजार करोड़ से ज्यादा आय

राज्य की आय में GST की हिस्सेदारी भी अहम बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में GST से 5,339.89 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आए। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 5,816.61 करोड़ रुपये पहुंचा, जबकि 2025-26 में GST संग्रह 5,967.65 करोड़ रुपये रहा। इन तीन वित्त वर्षों में GST से कुल 17,124 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व दर्ज किया गया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में GST संग्रह में करीब 151 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

VAT भी बना प्रदेश की आय का प्रमुख जरिया

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार तीन वर्षों के दौरान VAT से भी राज्य सरकार को 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला है। प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए आबकारी, GST और VAT जैसे अपने राजस्व स्रोत सरकार के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

35,687 महिलाओं को मिल रही सम्मान निधि

विधानसभा में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना को लेकर भी जानकारी दी गई। सरकार के मुताबिक फिलहाल प्रदेश की 35,687 महिलाओं को योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। योजना के लाभार्थियों और पात्रता से संबंधित सवाल विधायकों विनोद कुमार, विपिन सिंह परमार और सुखराम चौधरी की ओर से उठाया गया था।

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नई पंचायतों को फर्नीचर के लिए 50 हजार

प्रश्नकाल के दौरान पंचायत भवनों और नई पंचायतों में सुविधाओं का मामला भी सामने आया। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सदन को बताया कि नई पंचायतों के लिए फर्नीचर खरीदने को अलग से 50 हजार रुपये देने का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में चौपाल क्षेत्र में पंचायत भवनों के लिए 3.64 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।

जाइका परियोजना के काम की होगी जांच

कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी यानी JICA के सहयोग से चल रही कृषि परियोजना के कार्यों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने सदन में बताया कि सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 1,021 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत कसौली क्षेत्र की छह कूहलों को भी शामिल किया गया है। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करवाई जाएगी और यदि कोई काम तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो संबंधित मामले में कार्रवाई की जाएगी।

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