Post by : Himachal Bureau
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं 9 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 सितंबर को कुछ जिलों में भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 6 से 9 सितंबर तक भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, हालांकि इन दिनों के लिए फिलहाल भारी बारिश की अलग चेतावनी जारी नहीं की गई है।
4 सितंबर को कांगड़ा, सिरमौर और आसपास के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 5 सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जिले के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को पहाड़ी और नदी-नालों के आसपास के क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लगातार बारिश का असर प्रदेश की सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गुरुवार शाम तक हिमाचल में 95 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इसके अलावा 43 बिजली ट्रांसफार्मर और 35 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित बताई गई हैं। कई क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने के कारण सड़क बहाली का काम जारी है।
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बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के नैना देवी क्षेत्र में 130 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। कांगड़ा और ऊना सहित कई स्थानों पर भी रुक-रुककर बारिश होती रही। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण स्थानीय सड़कों और पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के बाद कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। नड्डी क्षेत्र में भूस्खलन से पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचने के कारण जलापूर्ति पर असर पड़ा है। कांगड़ा जिले में कुछ मकानों और गोशालाओं को भी बारिश से नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 6 से 9 सितंबर के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम साफ दिखाई देने के बावजूद अचानक बारिश, भूस्खलन या पहाड़ी से मलबा गिरने की संभावना बनी रह सकती है।
प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले लोगों से भी सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने को कहा गया है। लगातार बारिश से संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।
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