कांगड़ा में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, लक्षण दिखें तो मास्क पहनें
कांगड़ा में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, लक्षण दिखें तो मास्क पहनें

Post by : Himachal Bureau

Sept. 3, 2026 4:46 p.m. 132

धर्मशाला। कांगड़ा जिले में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोगों से भी कहा गया है कि बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। हाल में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और जरूरत पड़ने पर उन्हें अलग रखकर उपचार करने की व्यवस्था पर जोर दिया है।

छह महीने में सामने आए 33 मामले

रिपोर्ट्स के अनुसार कांगड़ा जिले में पिछले छह महीनों के दौरान स्वाइन फ्लू के 33 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं। हाल के दिनों में भी नए मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और फिलहाल लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है।

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लक्षण होने पर मास्क पहनने की सलाह

कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमेश भारती ने लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर मास्क पहनने और चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी शामिल हो सकते हैं।

अस्पतालों को भी सतर्क रहने के निर्देश

स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्दी, खांसी और बुखार के साथ आने वाले मरीजों की स्थिति का सावधानी से आकलन किया जाए। संदिग्ध मामलों में जरूरत के अनुसार जांच करवाई जाए और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। टांडा मेडिकल कॉलेज में हाल में पॉजिटिव पाए गए मरीजों को भी एहतियात के तौर पर अलग रखकर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था।

भीड़भाड़ वाली जगहों पर बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार जिन लोगों में फ्लू के लक्षण हैं, उन्हें भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी रखनी चाहिए। खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढकना तथा नियमित रूप से हाथ साफ करना भी संक्रमण से बचाव में मददगार है। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा या एंटीबायोटिक लेने से बचने की भी सलाह दी गई है।

सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत लें चिकित्सा सहायता

आमतौर पर H1N1 के लक्षण मौसमी फ्लू जैसे होते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या स्थिति बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराएं नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें। समय पर जांच और जरूरी सावधानी संक्रमण को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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