प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी का पलटवार, शर्म और व्यापार समझौते पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी का पलटवार, शर्म और व्यापार समझौते पर उठाए सवाल

Post by : Himachal Bureau

Feb. 24, 2026 12:36 p.m. 118

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘शर्म’ की बात करते हैं, लेकिन असली शर्म की बात क्या है, यह देश को बताया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए प्रधानमंत्री के आरोपों का जवाब दिया और कई गंभीर मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध को शर्मनाक बताना उचित नहीं है, बल्कि देश के हितों से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है।

राहुल गांधी ने अपने बयान में तथाकथित एप्सटीन फाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का नाम ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ना, जिस पर गंभीर आपराधिक आरोप रहे हों, अपने आप में शर्म की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और उनके सहयोगियों का नाम ऐसे व्यक्ति के साथ जोड़ा जाना गंभीर विषय है और इस पर स्पष्टता आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता पारदर्शिता चाहती है और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है।

लोकतांत्रिक विरोध पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री अहिंसा और लोकतांत्रिक विरोध से क्यों डरते हैं? उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र की आत्मा है और इसे बदनाम करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर युवा अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर आवाज उठाते हैं तो उसे शर्मनाक नहीं कहा जाना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे दबाने की कोशिश की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में देश के हितों से समझौता किया गया है।

राहुल गांधी ने कहा कि देश का डेटा सौंपना, किसानों और छोटे उद्योगों पर असर डालने वाले फैसले लेना तथा कपड़ा उद्योग को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां अपनाना चिंता का विषय है। उन्होंने इसे देश के आर्थिक ढांचे पर प्रभाव डालने वाला कदम बताया।

अडानी मामले का भी किया जिक्र

अपने बयान में राहुल गांधी ने उद्योगपति अडानी से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह देश की वित्तीय संरचना और पारदर्शिता से संबंधित मुद्दा है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता देश की रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा की राह पर चलते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना ही उनका उद्देश्य है।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा था

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि एक वैश्विक आयोजन को राजनीतिक मंच बनाना और इस तरह का प्रदर्शन करना देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। प्रधानमंत्री ने यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को भी शर्मनाक बताया था और कहा था कि इतनी पुरानी पार्टी के नेताओं को इस तरह की राजनीति से बचना चाहिए।

दोनों नेताओं के बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल उठा रही है, तो वहीं भाजपा कांग्रेस पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

राहुल गांधी का यह पलटवार केवल एक बयान भर नहीं, बल्कि कई राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। लोकतांत्रिक विरोध, अंतरराष्ट्रीय समझौते, डेटा सुरक्षा और आर्थिक नीतियों जैसे विषयों पर उठे सवाल आने वाले समय में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं। देश की राजनीति में बयानबाजी का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।

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