Author : Prem Sagar
नववर्ष और पर्यटन सीजन के बीच इन दिनों बंजार घाटी पर्यटकों की आवाजाही से गुलज़ार है, लेकिन बढ़ती भीड़ के साथ ही क्षेत्र की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था एक गंभीर समस्या बनकर सामने आ रही है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी के शुरुआती दिनों में बंजार, जीभी और आसपास के क्षेत्रों में लंबा ट्रैफिक जाम आम हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए पर्यटकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संकरी और जर्जर सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
इसी मुद्दे को लेकर बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूरे बंजार क्षेत्र में सड़क मार्ग बदहाल स्थिति में हैं और सार्वजनिक परिवहन की बस सेवाएँ लगभग ठप पड़ी हुई हैं। इसके बावजूद सरकार और कांग्रेस के नेता जमीनी समस्याओं का समाधान करने के बजाय केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं, जो महज राजनीतिक ढोंग है।
विधायक शौरी ने बताया कि बंजार नगर और जीभी क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए पूर्व जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से बंजार बाईपास का निर्माण किया गया था। यह बाईपास क्षेत्र के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता था, लेकिन पिछले दो वर्षों से यह पूरी तरह बंद पड़ा है। वर्तमान सरकार की ओर से इसे खोलने को लेकर न तो कोई ठोस पहल की गई है और न ही गंभीरता दिखाई दे रही है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि पूरा ट्रैफिक शहर के भीतर से गुजरने को मजबूर है और जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंजार को मूलभूत सुविधाओं के मामले में पूरी तरह रामभरोसे छोड़ दिया गया है। क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर बात करने के बजाय कांग्रेस द्वारा केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के खिलाफ प्रदर्शन करना जनता की परेशानियों के साथ मज़ाक है। विधायक शौरी ने मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों से आग्रह किया कि वे स्वयं औट से घियागी तक सड़क मार्ग की यात्रा करें, ताकि उन्हें क्षेत्र की बदहाल सड़कों, ट्रैफिक जाम और अधूरे विकास कार्यों की सच्चाई का प्रत्यक्ष अनुभव हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि बंजार विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केंद्रीय बजट से जिन चार सड़कों का स्तरोन्नयन किया जाना था, उन पर काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे यह साफ हो जाता है कि राज्य सरकार न केवल केंद्र से मिलने वाले बजट का सही उपयोग करने में विफल रही है, बल्कि विकास कार्यों को लेकर उसकी नीयत और कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। विधायक शौरी ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की विकास विरोधी सोच और प्रशासनिक नाकामी का जवाब जनता आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
बंजार घाटी में पर्यटन बढ़ने के बावजूद बुनियादी ढांचे की अनदेखी अब क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क मरम्मत और बाईपास जैसे अहम मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।
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