कांगड़ा में निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अब अनिवार्य
कांगड़ा में निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अब अनिवार्य

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 7, 2026 3:47 p.m. 136

हिमाचल प्रदेश सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम-2026 लागू कर दिए हैं। इन नियमों के तहत अब कांगड़ा जिले में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक के दौरान दी गई। बैठक में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लेते हुए नए नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर चर्चा की।

50 या उससे अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों को कराना होगा पंजीकरण

उपायुक्त ने बताया कि जिले में संचालित ऐसे सभी Private Coaching संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित आवेदन प्रारूप में आवेदन करना होगा। जो संस्थान सभी निर्धारित मानकों और आवश्यक सुविधाओं को पूरा करेंगे, उन्हें नियमानुसार पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पात्र कोचिंग संस्थान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

पंजीकरण शुल्क और वैधता की पूरी जानकारी

प्रशासन के अनुसार पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यह पंजीकरण तीन वर्षों तक वैध रहेगा। इसके बाद संस्थान 25 हजार रुपये शुल्क जमा कर अपने पंजीकरण का नवीनीकरण करा सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से निजी कोचिंग संस्थानों की नियमित निगरानी संभव होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

नियमों का पालन नहीं करने पर होगी सख्त कार्रवाई

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि यदि किसी संस्थान में निर्धारित मानकों के अनुसार कोई कमी पाई जाती है तो उसे सुधार के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा। यदि तय अवधि के बाद भी कमियां दूर नहीं की जातीं तो संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे संस्थानों को बंद करने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है ताकि विद्यार्थियों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाएं होंगी प्राथमिकता

नए नियमों के तहत प्रत्येक Coaching Institute में पर्याप्त कक्ष, स्वच्छ वातावरण, बैठने की उचित व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार और विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन समय-समय पर इन व्यवस्थाओं की जांच करेगा ताकि सभी संस्थान निर्धारित मानकों का पालन करें।

Read Also: मां के संघर्ष और बेटी की मेहनत से हमीरपुर की वैष्वी ने रचा सफलता का इतिहास

हर तीन महीने होगी समीक्षा

उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तरीय समिति प्रत्येक तिमाही बैठक आयोजित कर संस्थानों द्वारा नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन या लापरवाही मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी कोचिंग संस्थानों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि पंजीकरण संबंधी जानकारी के लिए संस्थान उच्च शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक आधारित शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
मणिमहेश यात्रा 2026: पंजीकरण जरूरी, प्लास्टिक और तंबाकू पर रोक मां आशापुरी मंदिर का इतिहास, पांडवों से जुड़ी हैं कई मान्यताएं चंबा मिंजर मेला समापन समारोह में CM सुक्खू करेंगे अध्यक्षता, कई सौगातें किन्नर कैलाश यात्रा शुरू, पहले दिन 115 श्रद्धालुओं ने किया पवित्र प्रस्थान मणिमहेश यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु महिमा, आस्था और भारतीय संस्कृति का महान पर्व कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता रजत पदक लगातार छठे दिन बंद रही माता वैष्णो देवी यात्रा, श्रद्धालुओं का इंतजार जारी