पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण, बांझपन निदान पर जोर
पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण, बांझपन निदान पर जोर

Post by : Himachal Bureau

Sept. 25, 2026 3:27 p.m. 131

चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में हिमाचल प्रदेश के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए पशुओं के प्रजनन स्वास्थ्य और बांझपन निदान पर तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के पशु चिकित्सा स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की ओर से किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पशु चिकित्सा अधिकारियों की नैदानिक निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें पशुओं के प्रजनन स्वास्थ्य और बांझपन प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी देना रहा।

10 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से 10 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान पशुओं में प्रजनन संबंधी समस्याओं की पहचान, बांझपन के निदान और क्षेत्रीय स्तर पर इनके प्रबंधन से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता-सह-प्रशिक्षण प्रभारी प्रो. डॉ. पंकज सूद ने राज्य में पशुओं की प्रजनन संबंधी समस्याओं के समाधान और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण

विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का संचालन विभाग के संकाय सदस्यों डॉ. अमित शर्मा, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. अंकित आहूजा और डॉ. अक्षय शर्मा ने किया। प्रतिभागियों को पशुओं के प्रजनन स्वास्थ्य और बांझपन प्रबंधन से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में द्वितीय वर्ष के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भी सहयोग किया। कार्यक्रम में अधिकारियों को क्षेत्र में सामने आने वाली प्रजनन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रशिक्षण में नए उपकरण की भी जानकारी

कार्यक्रम के व्यावहारिक हिस्से के तहत प्रत्येक प्रतिभागी को हाल ही में पेटेंट किए गए Bovine Endometrial Cytotaping Catheter उपलब्ध करवाए गए। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों और ज्ञान का उपयोग संबंधित कार्यक्षेत्रों में गायों के उपचार और प्रबंधन में करने में मदद करना था।

कुलसचिव ने की प्रशिक्षण की सराहना

प्रशिक्षण के समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. (मेजर) अवनिंदर कुमार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से प्रदेश में पशु स्वास्थ्य और प्रजनन प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। प्रो. पंकज सूद ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने पर हिमाचल प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. संजीव धीमान का आभार व्यक्त किया।

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