Author : Prem Sagar
डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई, जानकारी हासिल करने और संचार के लिए आज लगभग हर विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल करता है। ऐसे समय में साइबर सुरक्षा की जानकारी होना भी उतना ही जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्यालय एनएचपीसी सैंज में विद्यार्थियों के लिए साइबर सुरक्षा विषय पर एक ऑनलाइन जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग सिखाना और उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
ऑनलाइन दुनिया के खतरों के बारे में दी गई जानकारी
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए हर व्यक्ति को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक, नकली ईमेल और ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान कैसे की जाए। साथ ही यह भी समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
मजबूत पासवर्ड और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग पर जोर
कार्यक्रम में मजबूत पासवर्ड बनाने के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि अलग-अलग ऑनलाइन खातों के लिए अलग पासवर्ड रखना और समय-समय पर उसे बदलना उनकी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और ऑनलाइन व्यवहार के सही तरीके भी समझाए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी निजी जानकारी तभी साझा करें, जब उसकी विश्वसनीयता पूरी तरह सुनिश्चित हो।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत दें जानकारी
कार्यशाला में विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि इंटरनेट का उपयोग करते समय कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या किसी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देना सबसे सही कदम होता है। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर दी गई सूचना कई बार बड़े साइबर अपराधों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है। इसलिए जागरूकता और सतर्कता दोनों ही डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।
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प्राचार्या ने साइबर सुरक्षा को बताया समय की जरूरत
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती विनीता परशीरा ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए केवल तकनीक का ज्ञान ही नहीं, बल्कि उसका सुरक्षित उपयोग करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा की समझ विद्यार्थियों को भविष्य में आने वाले ऑनलाइन खतरों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं। इससे वे न केवल तकनीक का बेहतर उपयोग करना सीखते हैं, बल्कि जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल नागरिक भी बनते हैं।
इस ऑनलाइन कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे और विशेषज्ञों से उनके सरल जवाब भी प्राप्त किए। इससे उन्हें इंटरनेट सुरक्षा के कई ऐसे पहलुओं की जानकारी मिली, जिनका उपयोग वे अपने दैनिक जीवन में कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, मजबूत पासवर्ड बनाने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और डिजिटल जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया। विद्यालय प्रबंधन ने भी भविष्य में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही, ताकि विद्यार्थी बदलती डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जागरूक रह सकें।
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