हिमाचल में साइबर ठगी रोकने के लिए पुलिस ने नई रणनीति बनाई
हिमाचल में साइबर ठगी रोकने के लिए पुलिस ने नई रणनीति बनाई

Post by : Himachal Bureau

March 10, 2026 4:20 p.m. 110

हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और इन अपराधों की संख्या लगातार चिंता का कारण बन रही है। ऑनलाइन ठगी, बैंक फ्रॉड, फर्जी लोन, नकली लिंक और केवाईसी अपडेट जैसी धोखाधड़ी के मामलों ने प्रदेश में आम लोगों की सुरक्षा और विश्वास पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ऐसे में राज्य पुलिस ने साइबर अपराधियों पर कड़ी नकेल कसने और पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए अपनी जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है।

आईजी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने बताया कि अब साइबर ठगी के मामलों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में वे मामले आते हैं, जिनमें ठगी की राशि 20 लाख रुपए से कम है। इन मामलों की जांच अब संबंधित जिले की पुलिस द्वारा की जाएगी। जिला पुलिस को इस उद्देश्य के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि पीड़ितों को लंबी प्रक्रियाओं में उलझाए बिना शीघ्र न्याय मिल सके।

दूसरी श्रेणी में वे मामले आते हैं, जिनमें ठगी की राशि 20 लाख रुपए से अधिक है। ऐसे मामलों की एफआईआर अब राज्य साइबर थाने में दर्ज होगी। बड़े साइबर फ्रॉड अक्सर अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े होते हैं, इसलिए इनकी जांच विशेषज्ञ टीम और उन्नत तकनीकी साधनों के माध्यम से की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि यह बदलाव इसलिए आवश्यक हो गया क्योंकि पिछले कुछ समय में प्रदेश में ठगी के नए-नए तरीके सामने आए हैं। कभी फर्जी केवाईसी अपडेट, कभी नकली लोन, तो कभी फर्जी लिंक भेजकर खातों में सेंधमारी की जा रही है। कुछ ही मिनटों में हजारों से लाखों रुपए गायब हो जाते हैं। इससे पहले शिकायतों का अंबार लगने के कारण जांच प्रक्रिया धीमी हो रही थी। नई व्यवस्था के तहत जांच का विकेंद्रीकरण किया गया है, जिससे मामलों की गति बढ़ेगी और पीड़ितों को लंबी प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आईजी रोहित मालपानी ने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक, लॉटरी या बैंक अधिकारी के रूप में आने वाले कॉल पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। समय रहते शिकायत दर्ज करने पर पीड़ित अपनी गाढ़ी कमाई वापस पा सकता है।

इस नई रणनीति से न केवल साइबर अपराधियों पर अंकुश लगेगा बल्कि प्रदेश में आम लोगों का विश्वास भी बहाल होगा। पुलिस का मानना है कि इस प्रणाली से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्य में साइबर अपराध के मामलों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #हिमाचल प्रदेश पुलिस
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर दो कारों की भिड़ंत, घायलों को AIIMS बिलासपुर भेजा कांगड़ा में बनेगा वर्ल्ड क्लास चिड़ियाघर, दिसंबर से आएंगे वन्यजीव हिमाचल में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर सप्लाई बंद, उद्योग और होटल व्यवसाय प्रभावित हिमाचल में जेबीटी के 600 पदों पर भर्ती, 16 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को हिमाचल सरकार ने दी भावभीनी विदाई, नई जिम्मेदारी के लिए दी शुभकामनाएं घुमारवीं बस स्टैंड पर बस में मिला व्यक्ति का शव, दमेहड़ा गांव का बताया जा रहा मृतक भुट्टिको सभागार में उत्साह के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, महिलाओं को किया गया सम्मानित हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेरे धर्मशाला पहुंचे, दलाईलामा से लिया आशीर्वाद