कांगड़ा का लाल शहीद राजौरी में ट्रेनिंग के दौरान नदी में बहे बैजनाथ के अक्षित
कांगड़ा का लाल शहीद राजौरी में ट्रेनिंग के दौरान नदी में बहे बैजनाथ के अक्षित

Post by : Himachal Bureau

March 10, 2026 6:06 p.m. 2817

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के बैजनाथ उपमंडल में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब यह दुखद समाचार प्राप्त हुआ कि उस्तेहड़ गांव का 26 वर्षीय जांबाज सैनिक अक्षित अब इस दुनिया में नहीं रहा। पंजाब रेजिमेंट में तैनात यह युवा वीर जवान जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में एक सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान वीरगति को प्राप्त हुआ। सोमवार का दिन नौ पंजाब रेजिमेंट के जवानों के लिए नियमित अभ्यास का था, जहाँ राजौरी के सुंदरबनी इलाके में बहने वाली मिनावर तवी नदी के तट पर सैनिकों को नदी पार करने की बारीकियां और सुरक्षा मानकों का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
दोपहर लगभग 12 बजे, जब अक्षित इस चुनौतीपूर्ण अभ्यास को पूरा कर रहे थे, तभी अचानक पानी के तेज बहाव और नदी की गहराई की चपेट में आने के कारण वह लापता हो गए। हादसे के तुरंत बाद सेना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन सोमवार अंधेरा होने तक अक्षित का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

मंगलवार तड़के सेना के विशेषज्ञ गोताखोरों ने एक बार फिर नदी के बहाव को खंगाला, जिसके बाद वीर जवान का पार्थिव शरीर बरामद किया गया।अक्षित का परिवार बैजनाथ के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव रखता है, जहाँ उनके पिता लंबे समय तक पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जिस घर में कल तक खुशियां और अक्षित की बहादुरी के किस्से थे, वहां अब गहरा सन्नाटा और सिसकियां गूंज रही हैं।

स्थानीय पूर्व पार्षद कांता देवी के अनुसार, प्रशासन और सेना की टीम पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ जम्मू से पैतृक गांव उस्तेहड़ लाने की औपचारिकताओं में जुटी हुई है। मात्र 19 वर्ष की छोटी उम्र में भारतीय सेना की वर्दी पहनने वाले अक्षित पिछले 7 वर्षों से सरहद की हिफाजत कर रहे थे और उनका सैन्य करियर पूरी तरह बेदाग और सराहनीय रहा। अपनी ड्यूटी के प्रति अटूट समर्पण और मिलनसार स्वभाव के कारण वह अपने साथियों और यूनिट में काफी लोकप्रिय थे। इस जांबाज की शहादत ने न केवल बैजनाथ, बल्कि पूरे प्रदेश को गमगीन कर दिया है।

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