इंटर यूनिवर्सिटी हैंडबॉल मैच में रेफरी नियुक्ति को लेकर तीखी बहस और विरोध
इंटर यूनिवर्सिटी हैंडबॉल मैच में रेफरी नियुक्ति को लेकर तीखी बहस और विरोध

Post by : Himachal Bureau

March 10, 2026 5:15 p.m. 111

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित इंदिरा स्टेडियम में आयोजित नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी हैंडबॉल प्रतियोगिता के दौरान मंगलवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस बार विवाद का केंद्र बिंदु प्रतियोगिता में रेफरी नियुक्ति रहा। कुछ टीमों ने लगातार एक ही अधिकारी को मैचों में रेफरी बनाए जाने पर आपत्ति जताई और इसे लेकर चीफ गेस्ट तथा ऊना के जिला मजिस्ट्रेट जतिन लाल के समक्ष विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान विरोध जताने वाली टीमों और खेल अधिकारियों के बीच कड़ी बहस भी हुई। घटना स्थल पर मौजूद खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और आयोजकों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी बात रखी, जिससे माहौल थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।

प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों की विश्वविद्यालयों की टीमें भाग ले रही हैं। इस बार के विवादित मुद्दे में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और हरियाणा की टीमों का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। टीम प्रबंधन का आरोप था कि अखिल भारतीय हैंडबॉल फेडरेशन की ओर से लगातार एक ही अधिकारी को कई मैचों में रेफरी नियुक्त किया जा रहा है, जिससे मैचों की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

टीम प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि खास तौर पर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के साथ होने वाले मैचों में बार-बार वही अधिकारी रेफरी नियुक्त किया जाता है, जिससे पक्षपात की संभावना बनती है और मैच के नतीजों पर असर पड़ सकता है। उनका कहना था कि यह क्रम पिछले कुछ समय से लगातार जारी है, और इसके पीछे की मंशा पर सवाल उठाना स्वाभाविक है।

टीमों ने मांग की कि रेफरी की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि सभी विश्वविद्यालयों की टीमें निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा कर सकें और किसी भी टीम के साथ अनुचित व्यवहार न हो। उन्होंने कहा कि अगर रेफरी का चयन निष्पक्ष और खुली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा तो यह प्रतियोगिता की साख को बनाए रखने में मदद करेगा और खिलाड़ियों में विश्वास पैदा करेगा।

इस विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता के लिए रेफरियों का पैनल अखिल भारतीय हैंडबॉल फेडरेशन द्वारा भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय केवल प्रतियोगिता का आयोजक है, जबकि इसकी मेजबानी महिला महाविद्यालय ऊना द्वारा की जा रही है।

डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि रेफरी चयन या मैच संचालन में विश्वविद्यालय का कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है और सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से फेडरेशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमों और खिलाड़ियों को फेडरेशन द्वारा तय नियमों के अनुसार ही न्याय मिलेगा।

इस पूरे मामले ने प्रतियोगिता के आयोजकों और फेडरेशन के बीच पारदर्शिता और रेफरी चयन प्रक्रिया की महत्ता को भी उजागर किया। खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों का कहना है कि अगर रेफरी चयन में पारदर्शिता नहीं होगी तो प्रतियोगिता के प्रति टीमों का भरोसा कम हो सकता है और खिलाड़ियों में असंतोष भी बढ़ सकता है।

इस विवाद के बावजूद प्रतियोगिता आगे बढ़ रही है और विभिन्न राज्यों की विश्वविद्यालय टीमें अपनी खेल क्षमता दिखा रही हैं। आयोजकों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए रेफरी नियुक्ति की प्रक्रिया और भी स्पष्ट और पारदर्शी बनाई जाएगी।

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