भारी बारिश के बीच मणिमहेश यात्रा बंद, प्रशासन ने जारी की सख्त एडवाइजरी
भारी बारिश के बीच मणिमहेश यात्रा बंद, प्रशासन ने जारी की सख्त एडवाइजरी

Post by : Himachal Bureau

July 22, 2026 4:37 p.m. 122

हिमाचल प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए चंबा जिले के भरमौर स्थित मणिमहेश यात्रा मार्ग पर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रतिबंध लगा दिया है। उपमंडलीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 22 और 23 जुलाई से आगामी आदेशों तक मणिमहेश यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने तक किसी भी व्यक्ति को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं होगी। भरमौर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जारी किए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और खराब मौसम के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है, इसलिए यह निर्णय पूरी तरह लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में मणिमहेश यात्रा, भारी बारिश, मौसम विभाग, चंबा, Weather Alert जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में हैं।

आदेशों की अनदेखी करने वालों पर होगी कार्रवाई

उपमंडलीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंध के बावजूद यात्रा मार्ग पर जाने का प्रयास करता है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। इसके अलावा यदि कोई गाइड या स्थानीय व्यक्ति पर्यटकों अथवा श्रद्धालुओं को प्रतिबंधित मार्ग पर लेकर जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ग्राम पंचायत कुगती और हड़सर के जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्र से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा प्रतिबंध की जानकारी दें तथा उन्हें आगे जाने से रोकें। साथ ही पुलिस और संबंधित विभागों को भी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश से जनजीवन प्रभावित

लगातार हो रही बारिश का असर हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखने को मिल रहा है। चंबा-तीसा मार्ग पर अचानक नाले का जलस्तर बढ़ने से एक बस बीच रास्ते में फंस गई। हालांकि प्रशासन और स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बाद में बस को भी सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं लाहौल क्षेत्र में जाहलमा नाला एक बार फिर उफान पर आ गया, जिससे वैकल्पिक मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। दूसरी ओर कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी में भूस्खलन के कारण मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग कई घंटों तक बंद रहा। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। अनेक विद्युत ट्रांसफार्मरों के बंद होने से सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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