शिव भक्तों का इंतजार खत्म, 25 अगस्त से शुरू होगी मणिमहेश यात्रा
शिव भक्तों का इंतजार खत्म, 25 अगस्त से शुरू होगी मणिमहेश यात्रा

Post by : Himachal Bureau

July 18, 2026 10:28 a.m. 117

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित पवित्र मणिमहेश धाम की वार्षिक यात्रा को लेकर लाखों श्रद्धालुओं का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। प्रशासन ने इस वर्ष आयोजित होने वाली यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बार यात्रा के दौरान आधुनिक तकनीक, बेहतर यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मणिमहेश यात्रा को लेकर प्रशासन लगातार सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियों की समीक्षा कर रहा है।

इस दिन से शुरू होगी यात्रा, पहले करना होगा पंजीकरण

प्रशासन के अनुसार इस वर्ष मणिमहेश यात्रा का आयोजन 25 अगस्त से 19 सितंबर तक किया जाएगा। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अगस्त से ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा पर जाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। शुरुआत में प्रतिदिन लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं के लिए स्लॉट निर्धारित किए जाएंगे। यदि किसी विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है और मौसम अनुकूल रहता है तो प्रशासन आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त स्लॉट भी जारी कर सकेगा। ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा को व्यवस्थित बनाना और भीड़ को नियंत्रित करना है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

यात्रा शुल्क में किया गया बदलाव

इस वर्ष यात्रा पंजीकरण शुल्क में भी संशोधन किया गया है। पहले जहां श्रद्धालुओं को कम शुल्क देना पड़ता था, वहीं अब पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह राशि यात्रा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने में उपयोग की जाएगी। इसके अलावा लंगर समितियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक लंगर समिति से पंजीकरण शुल्क के साथ सुरक्षा राशि भी जमा कराई जाएगी। यदि कोई समिति चाहे तो सफाई व्यवस्था के लिए अपने स्तर पर कर्मचारी भी नियुक्त कर सकती है ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह स्वच्छ बना रहे।

हेलिटैक्सी और सुरक्षा के होंगे विशेष इंतजाम

इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलिटैक्सी सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा शुरू होने के साथ ही हेलिटैक्सी का संचालन भी आरंभ होगा, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन के माध्यम से पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। हेलिटैक्सी सुविधा और निगरानी व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएगी।

सड़क, पानी और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान

प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएं। सड़क मार्गों पर जहां कहीं भी भूस्खलन या मलबा मौजूद है, उसे हटाने का काम तेजी से किया जाएगा। क्षतिग्रस्त पुलों और सुरक्षा दीवारों की मरम्मत के साथ-साथ सड़क किनारे आवश्यक संकेतक भी लगाए जाएंगे। यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, विश्राम स्थल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर रहा है। शिव भक्त बड़ी संख्या में हर वर्ष इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं, इसलिए इस बार व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर

प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन ने सभी लंगर समितियों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और कचरे का उचित निस्तारण करें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित सफाई अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत हो सके।

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कुछ मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध, श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुगती परिक्रमा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों और क्षेत्र के पारंपरिक श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं अलग से की जाएंगी। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें तथा मौसम और प्रशासन द्वारा जारी सलाह को गंभीरता से लें। चंबा प्रशासन का कहना है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से भगवान शिव के पवित्र धाम के दर्शन कर सकें।

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