टांडा मेडिकल कॉलेज में जीवन रक्षक पैरामेडिक्स प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न
टांडा मेडिकल कॉलेज में जीवन रक्षक पैरामेडिक्स प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न

Author : Rajesh Vyas

July 17, 2026 6:02 p.m. 326

धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक सहायता प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 14 से 16 जुलाई तक आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा, सड़क दुर्घटनाओं तथा अन्य गंभीर आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों को आधुनिक जीवन रक्षक तकनीकों से प्रशिक्षित करना था। यह प्रशिक्षण उत्तर भारत की अत्याधुनिक हाई-फिडेलिटी सिमुलेशन प्रयोगशाला में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से भी विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के गुर सिखाए गए।

आधुनिक तकनीक के माध्यम से कराया गया व्यावहारिक अभ्यास

इस प्रशिक्षण का संचालन विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग अधिकारियों की टीम ने किया। कार्यक्रम के दौरान Emergency Training के अंतर्गत प्रतिभागियों को दुर्घटनाओं, गंभीर रोगियों की स्थिति, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में तुरंत और प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करने का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण में आधुनिक सिमुलेशन तकनीक का उपयोग करते हुए ऐसी परिस्थितियां तैयार की गईं, जिनसे प्रतिभागियों को वास्तविक आपातकालीन हालात का अनुभव मिल सके। इस दौरान मॉक ड्रिल्स के जरिए उनकी त्वरित निर्णय क्षमता, टीमवर्क, संसाधनों के बेहतर उपयोग और संकट प्रबंधन कौशल का भी परीक्षण किया गया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों ने लिया भाग

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में Paramedics, 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारी, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर, ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन तथा समाज सेवा से जुड़े स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को प्राथमिक उपचार देने, समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा अस्पताल पहुंचाने से पहले आवश्यक जीवन रक्षक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से कार्य करना और सीमित संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान टीम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया पर भी विशेष जोर दिया गया।

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प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, जो किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। Life Saving Skills के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक स्वास्थ्यकर्मी आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा तकनीकों से परिचित हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपातकालीन घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गई प्राथमिक सहायता मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। Medical College में आयोजित इस प्रशिक्षण से प्रदेश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं Healthcare क्षेत्र में इस तरह की पहल भविष्य में आम लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी अहम साबित होगी।

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