स्मार्ट मीटरिंग और बिजली बिल के खिलाफ 12 फरवरी को बिजली कर्मचारियों की हड़ताल
स्मार्ट मीटरिंग और बिजली बिल के खिलाफ 12 फरवरी को बिजली कर्मचारियों की हड़ताल

Post by : Himachal Bureau

Feb. 7, 2026 11:43 a.m. 2325

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ज्वाइंट एक्शन कमेटी जिला हमीरपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक हमीरपुर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा ने की। बैठक में बिजली क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों, अभियंताओं, पेंशनरों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 को लेकर गहन चर्चा की गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बिजली क्षेत्र देश की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी सार्वजनिक सेवा है, जिसका सीधा संबंध हर घर, किसान, छोटे व्यापारी, उद्योग, कर्मचारी और आम नागरिक के दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है। बिजली के बिना आज के समय में किसी भी क्षेत्र की कल्पना संभव नहीं है, ऐसे में इससे जुड़े किसी भी कानून या नीति का प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।

संयुक्त कार्रवाई समिति ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 के कई प्रावधानों पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं का कहना था कि इस विधेयक में ऐसे कई प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनसे बिजली कंपनियों के निजीकरण का रास्ता साफ होता है। इससे भविष्य में बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है और आम जनता को महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है।

बैठक में यह भी कहा गया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 के तहत प्रस्तावित निजीकरण से न केवल उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा, बल्कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों की सेवा शर्तें और सामाजिक सुरक्षा भी प्रभावित होंगी। वक्ताओं ने आशंका जताई कि निजीकरण के बाद रोजगार सुरक्षा, पेंशन और अन्य सामाजिक लाभों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

संयुक्त कार्रवाई समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटरिंग को बिजली संशोधन विधेयक में निहित निजीकरण के प्रावधानों को लागू करने का एक माध्यम माना जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाला जा सकता है और इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।

बैठक में एनसीसीओईईई के राष्ट्रीय आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को पूरे हिमाचल प्रदेश में पेन डाउन और टूल डाउन हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। इस दिन बिजली बोर्ड के कर्मचारी काम बंद रखेंगे और भोजन अवकाश के दौरान बोर्ड कार्यालयों के बाहर पेंशनरों और आम जनता के सहयोग से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। आम उपभोक्ताओं, किसानों और व्यापारियों से भी अपील की गई कि वे बिजली संशोधन विधेयक और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ इस आंदोलन में सहयोग करें, क्योंकि इसका असर सीधे जनता पर पड़ने वाला है।

बैठक में ग्रेजुएट इंजीनियर्ज एसोसिएशन से इंजीनियर राहुल कपिल, पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन से इंजीनियर डीएस डटवालिया, एचपी विद्युत पेंशनर्ज फोरम से कुलदीप सिंह खरवाड़ा, डिप्लोमा इंजीनियर्ज एसोसिएशन से इंजीनियर मनोहर लाल, जूनियर इंजीनियर डिप्लोमा एसोसिएशन से इंजीनियर प्रशांत, एचपीएसइबी इम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितीश भारद्वाज सहित विजय शर्मा, सीएस चंदेल और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के अंत में सभी संगठनों ने एक स्वर में बिजली संशोधन विधेयक 2025 और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक कर्मचारियों, पेंशनरों और उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित नहीं किए जाते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

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