हमीरपुर के खोखाधारकों को मुख्यमंत्री ने पुनर्वास का दिया भरोसा
हमीरपुर के खोखाधारकों को मुख्यमंत्री ने पुनर्वास का दिया भरोसा

Post by : Himachal Bureau

July 14, 2026 4:28 p.m. 139

हमीरपुर के मौजूदा अंतरराज्यीय बस अड्डे की जगह प्रस्तावित सिटी सेंटर निर्माण परियोजना से प्रभावित होने वाले खोखाधारकों और छोटे दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों के कारण किसी भी परिवार की आजीविका प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया है कि उन्हें उचित स्थान पर पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनका रोजगार बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।इस संबंध में प्रभावित खोखाधारकों का एक प्रतिनिधिमंडल राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू के नेतृत्व में शिमला पहुंचा, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की।

प्रभावित परिवारों ने रखी अपनी बात

मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल बस अड्डा परिसर के दुकानदारों और खोखाधारकों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से बस अड्डे के आसपास अपने छोटे-छोटे कारोबार के माध्यम से परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इनमें संजय दुग्गल, महेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, नरेंद्र कुमार, सरला देवी, सुदेश रानी, दीवान चंद, कृष्ण देव और मनजिंद्र पटियाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रस्तावित सिटी सेंटर निर्माण से उनकी दुकानें और खोखे हट जाएंगे, जिससे उनके परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत समाप्त हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विकास कार्यों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और मेहनतकश परिवारों के भविष्य का भी ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी प्रभावित परिवार को असहाय नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान बस अड्डे से हटाए जाने के बाद सभी पात्र खोखाधारकों और दुकानदारों का उचित पुनर्वास किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों को हमीरपुर शहर में ही ऐसी उपयुक्त जगह उपलब्ध कराई जाएगी, जहां वे अपना कारोबार पहले की तरह जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ आम लोगों के हितों की रक्षा करना भी अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानती है।

आजीविका सुरक्षित रखने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति यह है कि किसी भी विकास परियोजना के कारण लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए। यदि किसी परियोजना के कारण किसी व्यक्ति का व्यवसाय प्रभावित होता है तो उसके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी भी सरकार की होती है।उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का उद्देश्य विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखना है।

प्रतिनिधिमंडल ने जताया आभार

मुख्यमंत्री से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उनका आभार व्यक्त किया। खोखाधारकों ने कहा कि सरकार की ओर से मिले भरोसे से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें उम्मीद है कि उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी।प्रतिनिधियों ने राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए मुख्यमंत्री तक पहुंचाया और समाधान के लिए पहल की। उनका कहना था कि यदि समय रहते सरकार का सहयोग नहीं मिलता तो कई परिवार आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर हो जाते।

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विकास और जनहित साथ-साथ

हमीरपुर में प्रस्तावित सिटी सेंटर परियोजना को शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस परियोजना से आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और शहर के बुनियादी ढांचे को नई पहचान मिलेगी। वहीं सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों के अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

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