राम मंदिर चंदा मामले पर चम्बा में कांग्रेस की पदयात्रा, निष्पक्ष जांच की मांग
राम मंदिर चंदा मामले पर चम्बा में कांग्रेस की पदयात्रा, निष्पक्ष जांच की मांग

Post by : Himachal Bureau

July 14, 2026 4:54 p.m. 129

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर हिमाचल प्रदेश के चम्बा में जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में पदयात्रा निकालकर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी विषय में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है।

चम्बा शहर में निकाली गई पदयात्रा

जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित पदयात्रा चम्बा शहर के मुख्य बाजार से शुरू हुई। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसमें शामिल हुए। पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल तक पहुंची।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करते हुए विभिन्न नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था किसी भी प्रकार की राजनीति या विवाद से ऊपर है और यदि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने राम धुन और राम भजन का आयोजन कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। 

कांग्रेस ने उठाई स्वतंत्र जांच की मांग

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि यह मामला देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसकी जांच केवल सरकारी अधिकारियों की विशेष जांच टीम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र समिति के माध्यम से कराई जाए, जिसकी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश द्वारा की जाए। उनका कहना था कि इससे जांच की पारदर्शिता बनी रहेगी और सभी पक्षों का विश्वास भी कायम रहेगा।उन्होंने कहा कि जब किसी धार्मिक विषय पर सवाल उठते हैं तो उनका समाधान भी पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम या विवाद न रहे।

धार्मिक आस्था से जुड़ा है मामला

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर निर्माण में देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ योगदान दिया था। ऐसे में यदि चंदे के उपयोग को लेकर किसी प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है क्योंकि इससे लोगों का विश्वास मजबूत होता है। यदि जांच निष्पक्ष होगी तो जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे देश के सामने स्पष्ट होंगे और किसी प्रकार की आशंका की गुंजाइश नहीं रहेगी।

सरकार से उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि जनता के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए हर गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि किसी भी मामले में आरोप लगाए जाते हैं तो जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता के साथ काम करना चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष को पक्षपात का आरोप लगाने का अवसर न मिले।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए रखा पक्ष

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसी अधिकार के तहत उन्होंने अपनी मांग सरकार और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।कार्यकर्ताओं का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

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निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ी कांग्रेस

जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक वह इस मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी। नेताओं ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सभी संस्थाओं की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार के आरोपों का समाधान केवल निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही संभव है। इसी उद्देश्य से चम्बा में पदयात्रा निकालकर लोगों के बीच अपना पक्ष रखा गया।

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