डिग्री नहीं, जिम्मेदार नागरिक बनाना ही शिक्षा का असली उद्देश्य : राज्यपाल
डिग्री नहीं, जिम्मेदार नागरिक बनाना ही शिक्षा का असली उद्देश्य : राज्यपाल

Post by : Himachal Bureau

May 30, 2026 5:16 p.m. 119

पंजाब के पठानकोट स्थित श्री साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में आयोजित दीक्षांत समारोह में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना या नौकरी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता तैयार करना है जो समाज और देश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकें। समारोह में उनकी धर्मपत्नी बिंदु गुप्ता भी उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही गुण एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला भी है।

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। साथ ही संस्थान की 30 वर्षों की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां एक शैक्षणिक यात्रा समाप्त होती है और नई जिम्मेदारियों तथा अवसरों से भरी जिंदगी की शुरुआत होती है।

कविंदर गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी संस्थान से केवल डिग्री लेकर नहीं जा रहे हैं, बल्कि ज्ञान, आत्मविश्वास, संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी साथ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बढ़ते महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर सीखना, नई तकनीकों को अपनाना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। बदलती दुनिया में वही युवा सफल होंगे जो ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता को भी महत्व देंगे।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने शोध, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित में करने का आग्रह किया।

उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण, नशाखोरी, बेरोजगारी और नैतिक मूल्यों में गिरावट जैसी सामाजिक चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं को इन समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना चाहिए और जागरूकता, नवाचार तथा सामाजिक भागीदारी के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करनी चाहिए।

इस अवसर पर श्री साई संस्थान समूह के चेयरमैन एवं श्री साई यूनिवर्सिटी पालमपुर के चांसलर एस.के. पुंज ने भी संस्थान की उपलब्धियों और 30 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डाला। वहीं मुख्य प्रबंध निदेशक कंवर तुषार पुंज ने राज्यपाल का स्वागत किया। इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवदीप सेनवाल ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि उपाध्यक्ष रिया पुंज ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

समारोह के अंत में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, कठिन परिश्रम करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि युवा अपने ज्ञान और ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें, तो भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का सपना अवश्य साकार होगा।

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