सोलन के अर्की में 28 वर्षीय युवक की कुरकुरा सांस की नली में फंसने से दर्दनाक मौत
सोलन के अर्की में 28 वर्षीय युवक की कुरकुरा सांस की नली में फंसने से दर्दनाक मौत

Post by : Himachal Bureau

May 30, 2026 5:37 p.m. 1442

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। यहां एक 28 वर्षीय युवक की अचानक और असामयिक मौत हो गई, जब कुरकुरा खाते समय उसका एक टुकड़ा उसकी सांस की नली में फंस गया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है।

यह घटना जिले के उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत घनागुघाट के अंतर्गत आने वाले ताल गांव की है। मृतक युवक की पहचान हेमंत शर्मा (28 वर्ष), पुत्र दीपराम शर्मा, निवासी ताल गांव के रूप में हुई है। हेमंत अपने परिवार का जिम्मेदार सदस्य था और परिवार की आर्थिक मदद के लिए कसौली के एक निजी होटल में नौकरी करता था। वह मेहनती, शांत स्वभाव का और मिलनसार युवक बताया जा रहा है, जिसकी अचानक हुई मौत ने सभी को गहरा सदमा दिया है।

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब हेमंत शर्मा सामान्य रूप से कुरकुरा खा रहा था। खाते-खाते अचानक एक छोटा सा टुकड़ा उसके गले में अटक गया। यह टुकड़ा केवल गले में ही नहीं रुका, बल्कि सीधे उसकी सांस की नली में फंस गया। जैसे ही टुकड़ा सांस की नली में फंसा, हेमंत को अचानक सांस लेने में भारी परेशानी होने लगी। कुछ ही पलों में उसकी स्थिति गंभीर हो गई और वह घबराने लगा।

परिजनों और आसपास के लोगों ने तुरंत स्थिति को समझते हुए बिना समय गंवाए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र की ओर ले जाने का प्रयास किया। सबसे पहले उसे उपचार के लिए एमएमयू सुल्तानपुर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसकी हालत को गंभीर देखते हुए तुरंत बड़े अस्पताल में रेफर करने का निर्णय लिया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही समझ लिया था कि स्थिति बेहद नाजुक है और सांस की नली में फंसी चीज को निकालना आसान नहीं होगा। इसलिए हेमंत शर्मा को तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, ताकि उसे बेहतर और विशेषज्ञ उपचार मिल सके। परिजन उम्मीद लगाए हुए एंबुलेंस के माध्यम से उसे पीजीआई लेकर पहुंचे।

पीजीआई चंडीगढ़ में डॉक्टरों की टीम ने हेमंत को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने काफी देर तक उपचार किया और उसकी सांस को सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति पहले ही बहुत गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों के लगातार प्रयासों के बावजूद बुधवार दोपहर को हेमंत शर्मा ने अंतिम सांस ली और इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

जैसे ही इस दुखद घटना की खबर परिवार और गांव तक पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। ताल गांव और आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसर गया। हर कोई इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहा था कि एक सामान्य सा खाना खाते समय इतना बड़ा हादसा हो सकता है और एक युवा की जान चली जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हेमंत शर्मा एक बेहद अच्छा इंसान था। वह सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करता था और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहता था। कसौली के होटल में वह अपनी मेहनत के बल पर काम कर रहा था ताकि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सके। उसकी अचानक मौत ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में हर तरफ सिर्फ शोक और चीख-पुकार का माहौल है। मां-बाप और अन्य परिजन बार-बार बेहोश हो रहे हैं और इस दर्दनाक घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण बड़ी संख्या में परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं, लेकिन हर किसी की आंखें नम हैं।

यह घटना एक बार फिर इस बात की गंभीरता को दर्शाती है कि छोटे-छोटे खाद्य पदार्थ भी कभी-कभी कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं, यदि वे गलत तरीके से सांस की नली में फंस जाएं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इस तरह की स्थिति में तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और सही समय पर उपचार बहुत जरूरी होता है। इस दुखद हादसे ने पूरे सोलन जिले में शोक की लहर फैला दी है और लोग इसे एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना के रूप में देख रहे हैं। परिवार और ग्रामीण अब केवल ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहे हैं।

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