सीएम सुक्खू ने लंबित पेंशन, खाली पद और चिट्टा पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए
सीएम सुक्खू ने लंबित पेंशन, खाली पद और चिट्टा पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए

Post by : Himachal Bureau

May 30, 2026 5:33 p.m. 1621

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार देर शाम प्रशासनिक सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े अहम मुद्दों की समीक्षा की और कई जरूरी निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले चतुर्थ श्रेणी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट भुगतान को जल्द से जल्द जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार इन बकाया भुगतानों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र पेंशनरों को समय पर उनका पूरा लाभ मिले।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अनुकंपा आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोगों की पूरी जानकारी मांगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे सभी मामलों का विस्तृत डेटा सरकार को उपलब्ध कराया जाए ताकि इन पर जल्द और सही निर्णय लिया जा सके। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता देना है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी में शामिल पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन शुरू किया है और नशा माफिया के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को नशे से बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी नौकरी में शामिल होने से पहले सभी उम्मीदवारों का डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी सेवा में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित होगा और नशा मुक्त कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में खाली पदों की जानकारी भी तलब की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जल्द से जल्द रिक्त पदों का पूरा विवरण भेजें ताकि भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 500 पदों को भरने का निर्णय लिया है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आए तूफानों से वन भूमि पर गिरे और उखड़े पेड़ों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी पेड़ों का रिकॉर्ड तैयार किया जाए और उन्हें समयबद्ध तरीके से हटाया जाए। इसके लिए 1 जून से एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समय पर पेड़ों को न हटाने से राज्य के संसाधनों को नुकसान होता है, इसलिए वन विभाग को इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत और ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और आशीष सिंगमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

 

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