Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान बैंक और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य में कुल 585 ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में लोगों को लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ है। यह जानकारी भाजपा विधायक आईडी लखनपाल के सवाल के जवाब में दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।
सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। साइबर सेल में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष साइबर विशेषज्ञों की तैनाती भी की जा रही है, ताकि मामलों की जांच तेजी से और सही तरीके से की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और सख्त कार्रवाई हो सके।
राज्य में साइबर पुलिस स्टेशनों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। इससे डिजिटल लेनदेन की निगरानी और अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिल रही है। सरकार बैंकों और अन्य एजेंसियों के साथ भी लगातार समन्वय बढ़ा रही है, ताकि जांच तेज हो और भविष्य में लोगों को होने वाला आर्थिक नुकसान रोका जा सके। अब तक इन मामलों में 258 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही ठगी गई राशि की वसूली के प्रयास भी जारी हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में बैंक कर्मचारियों की लापरवाही या संलिप्तता भी सामने आई है। ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकार सिर्फ कार्रवाई पर ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में सतर्क किया जा रहा है, ताकि वे डिजिटल लेनदेन करते समय सावधानी बरतें और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बच सकें। आंकड़ों के अनुसार, कांगड़ा जिला इस तरह के मामलों में सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। यहां 59 मामले दर्ज हुए हैं, जो राज्य में सबसे अधिक हैं। वित्तीय नुकसान के हिसाब से सबसे ज्यादा ठगी शिमला साइबर पुलिस स्टेशन में हुई, जहां 55.62 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी दर्ज की गई।
इसके अलावा मंडी और धर्मशाला में भी बड़े स्तर पर साइबर फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। मंडी साइबर पुलिस स्टेशन में 100 मामलों में करीब 33.64 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज हुई है। वहीं धर्मशाला में 81 मामलों में लगभग 25.91 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। सरकार ने कहा है कि आने वाले समय में साइबर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा, ताकि ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके और लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर