Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
बड़सर विधानसभा क्षेत्र के मैहरे बाजार से सटे गांव हारमां के निवासी, प्रख्यात ज्योतिष आचार्य, प्रकांड विद्वान और आदर्श शिक्षक देवराज शर्मा, जिन्हें लोग श्रद्धा से देवराज शास्त्री के नाम से जानते थे, का शनिवार सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे। हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे बड़सर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।
देवराज शास्त्री अपने सरल, विनम्र और हंसमुख स्वभाव के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। उन्होंने संस्कृत महाविद्यालय होशियारपुर से ‘ज्योतिष आचार्य’ की उपाधि प्राप्त की थी। वे तहसील बड़सर के उन गिने-चुने विद्वानों में शामिल थे, जिन्होंने जीवन भर ज्योतिष, धर्म और समाज सेवा को अपना कर्म माना। अंतिम समय तक वे जजमानों की सेवा और धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहे।
शास्त्री जी केवल एक ज्योतिषाचार्य ही नहीं, बल्कि एक सच्चे समाजसेवी भी थे। उन्होंने अपने जीवन में समाज के हित को सर्वोपरि रखा। ग्रामीणों की सुविधा के लिए उन्होंने सामुदायिक भवन और महिला मंडल भवन के निर्माण हेतु अपनी निजी भूमि दान कर दी थी। उनका यह कार्य आज भी क्षेत्र में एक मिसाल के रूप में देखा जाता है।
देवराज शास्त्री का जीवन सादगी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक था। वे धार्मिक आयोजनों में गुप्त रूप से दान करना पसंद करते थे और गरीब, असहाय तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उन्होंने कभी अपने इन कार्यों का प्रचार नहीं किया, बल्कि चुपचाप समाज की भलाई के लिए योगदान देते रहे।
वे वैदिक पद्धति से हवन, यज्ञ, विवाह, मुंडन और अन्य संस्कार संपन्न करवाते थे। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने कभी भी किसी जजमान से दक्षिणा की मांग नहीं की। जो भी भेंट या दक्षिणा जजमान अपनी इच्छा से देते थे, उसे वे प्रसन्नता से स्वीकार करते और आशीर्वाद प्रदान करते थे। इसी कारण वे लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखते थे।
उनके निधन पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, समाजसेवियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि देवराज शास्त्री का जाना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक ऐसे युग का अंत है, जिसमें ज्ञान, विनम्रता और सेवा भाव एक साथ दिखाई देता था। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट