एचपीएमसी भुगतान नियमों पर बवाल, बागवानों के हक पर डाका: बरागटा
एचपीएमसी भुगतान नियमों पर बवाल, बागवानों के हक पर डाका: बरागटा

Author : Bhardwaj Mandi. (HP) Mandi. HP

Dec. 24, 2025 4:19 p.m. 1453

हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानों को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी फल सब्जी विपणन एवं प्रसंस्करण संघ द्वारा एमआईएस के तहत खरीदे गए सेब के भुगतान को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइन्स पर भाजपा नेता चेतन बरागटा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन नियमों को बागवानों पर सीधा हमला बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि इन्हें तुरंत वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

चेतन बरागटा ने कहा कि पहले ही सेब बागवान प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि, अनियमित बारिश और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस सरकार ने नई गाइडलाइन्स के जरिए उन पर दस्तावेज़ी आतंक थोप दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्यान कार्ड, आधार कार्ड, जमाबंदी जैसे अतिरिक्त कागजात मांगकर भुगतान प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल और लंबा बनाया गया है, ताकि बागवानों को उनके मेहनत के पैसे से वंचित किया जा सके।

बरागटा ने सवाल उठाया कि जब एचपीएमसी ने एमआईएस योजना के तहत सेब की खरीद की थी, उस समय न तो किसी तरह के अतिरिक्त सत्यापन की शर्त रखी गई थी और न ही इतनी कागजी औपचारिकताएं थीं। अब भुगतान के समय बागवानों को पटवारी, बागवानी विभाग और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर करना कांग्रेस सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों की जमीनी हकीकत यह है कि अधिकतर भूमि संयुक्त, पुश्तैनी, पारिवारिक या लीज पर होती है। ऐसे में सेब उत्पादन को सख्ती से राजस्व रिकॉर्ड से जोड़ना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे वास्तविक बागवानों का भुगतान महीनों तक लटक सकता है। यह फैसला सीधे तौर पर बागवानों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक प्रताड़ना देने जैसा है।

चेतन बरागटा ने आरोप लगाया कि एचपीएमसी का मूल उद्देश्य बागवानों को राहत देना था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे पटवारीखाना और जांच एजेंसी बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह नीति न तो किसान हितैषी है और न ही प्रदेश के हित में, बल्कि इससे बागवानों में डर, तनाव और असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है।

बरागटा ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने तुरंत इन बागवान विरोधी गाइडलाइन्स को वापस नहीं लिया और एमआईएस के तहत सेब का भुगतान सरल, पारदर्शी और बिना बाधा के सुनिश्चित नहीं किया गया, तो भाजपा सेब बागवानों के साथ सड़कों पर उतरकर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की होगी, जिसने एक बार फिर अपनी किसान और बागवान विरोधी मानसिकता उजागर कर दी है।

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