स्कूलों के विलय से प्रभावित बच्चों को अब आने-जाने के लिए फ्री बस सुविधा मिलेगी
स्कूलों के विलय से प्रभावित बच्चों को अब आने-जाने के लिए फ्री बस सुविधा मिलेगी

Post by : Himachal Bureau

March 14, 2026 5:07 p.m. 118

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्कूलों के विलय (मर्जर), डिनोटिफिकेशन और युक्तिकरण की प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों को होने वाली समस्याओं का कड़ा संज्ञान लिया है। राज्य सचिवालय में आयोजित शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में स्कूल बंद या मर्ज हुए हैं, वहां के विद्यार्थियों के लिए सरकार परिवहन सुविधा सुनिश्चित करेगी।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जैसे दूरदराज और जनजातीय जिलों के छात्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है, ताकि लंबी दूरी उनकी शिक्षा के मार्ग में बाधा न बने। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में स्कूलों से जुड़ा कोई भी निर्णय केवल विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखकर लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नगरोटा और ज्वालामुखी के स्कूलों को पुनः खोलने के आदेश भी जारी किए।

सीबीएसई पाठ्यक्रम और डिजिटल शिक्षा पर जोर

 बैठक में शैक्षणिक सुधारों की प्रगति साझा करते हुए रोहित ठाकुर ने बताया कि राज्य के 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई  से संबद्धता प्राप्त हो चुकी है। आगामी शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा, जिससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री ने घोषणा की कि इस माह के अंत तक राज्य के 7,635 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, हिमाचल को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग  से ड्यूल कैटेगरी मान्यता मिलने के बाद अब व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा और इसके लिए पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

शिक्षकों की भर्ती और कॉलेजों की रैंकिंग 

विभागीय भर्तियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री को अवगत कराया गया कि 1,427 शिक्षकों के लिए आयोजित एलडीआर  परीक्षा के परिणाम जल्द घोषित किए जाएंगे। साथ ही, वित्त विभाग से स्वीकृत 870 शिक्षकों के नए पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के महाविद्यालयों की रैंकिंग प्रक्रिया 17 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को नए केंद्रीय विद्यालयों को आगामी सत्र से शुरू करने और स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया  को सरल व पारदर्शी बनाने के भी निर्देश दिए, ताकि स्थानांतरण के समय छात्रों को किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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