भोटा नगर पंचायत चुनाव में पति-पत्नी उम्मीदवारों के नतीजे बने चर्चा का विषय
भोटा नगर पंचायत चुनाव में पति-पत्नी उम्मीदवारों के नतीजे बने चर्चा का विषय

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

May 18, 2026 11:58 a.m. 1444

हमीरपुर जिले की नगर पंचायत भोटा के चुनाव परिणाम इस बार लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गए। चुनाव में कई दिलचस्प नतीजे सामने आए, जिनकी पूरे क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। खास बात यह रही कि इस बार नगर पंचायत चुनाव में तीन पति-पत्नी की जोड़ियां मैदान में उतरी थीं। चुनाव परिणाम आने के बाद लोगों की नजर खास तौर पर इन्हीं उम्मीदवारों पर रही। एक परिवार में पत्नी ने जीत हासिल की, जबकि पति चुनाव हार गए। वहीं बाकी दो जोड़ियों को भी हार का सामना करना पड़ा।

नगर पंचायत भोटा के सात वार्डों में इस बार मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा था। कई वार्डों में जीत और हार का अंतर बहुत कम रहा। व्यापार मंडल भोटा और कांग्रेस समर्थित साझा मोर्चा भी चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरा था। साझा मोर्चे के प्रमुख और व्यापार मंडल के प्रधान सन्नी शर्मा वार्ड नंबर-दो से चुनाव लड़ रहे थे। मुकाबला इतना नजदीकी रहा कि उन्हें भाजपा समर्थित प्रत्याशी अश्वनी सोनी से केवल आठ वोटों के अंतर से हार झेलनी पड़ी।

हालांकि सन्नी शर्मा के परिवार के लिए राहत की खबर वार्ड नंबर-चार से आई। यहां उनकी पत्नी मनोरमा शर्मा ने चुनाव जीतकर परिवार की साख बचा ली। इस नतीजे के बाद लोग लंबे समय तक इस बात की चर्चा करते रहे कि पति हार गए लेकिन पत्नी जीत गईं। चुनाव परिणामों के बाद समर्थकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

वहीं वार्ड नंबर-सात में कांग्रेस नेता और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शरण प्रसाद भी चुनाव नहीं जीत सके। उन्हें भाजपा समर्थित उम्मीदवार अनिल ने 27 मतों से हराया। दूसरी ओर उनकी पत्नी और पूर्व अध्यक्षा सर्वजीत कौर वार्ड नंबर-तीन से मैदान में थीं, लेकिन वह बेहद करीबी मुकाबले में केवल चार वोटों से हार गईं।

इसके अलावा वार्ड नंबर-पांच में भी रोचक मुकाबला देखने को मिला। यहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी ज्योति धीमान को साझा मोर्चे की उम्मीदवार रंजना कटना ने नौ वोटों से हराया। ज्योति धीमान के पति और नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष संजय धीमान भी चुनाव मैदान में थे, लेकिन उन्हें तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। इस बार के चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि भोटा की जनता ने हर वार्ड में सोच-समझकर मतदान किया और स्थानीय राजनीति को नया संदेश देने का प्रयास किया।

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