नशा मुक्त अभियान में सभी की भागीदारी जरूरी, डीसी ने दिया बड़ा संदेश
नशा मुक्त अभियान में सभी की भागीदारी जरूरी, डीसी ने दिया बड़ा संदेश

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 20, 2026 4:20 p.m. 118

हमीरपुर जिले में नशा मुक्त अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से संबंधित विभिन्न जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए हर विभाग की भागीदारी जरूरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग सहित सभी विभागों को इस दिशा में मिलकर कार्य करना होगा ताकि लोगों तक जागरूकता का संदेश प्रभावी तरीके से पहुंच सके।

17 से 26 जून तक चलेंगी जागरूकता गतिविधियां

बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिए कि 17 जून से 26 जून तक सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। इन कार्यक्रमों की रिपोर्ट जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय को भेजी जाएगी ताकि अभियान की प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी नशे के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। ऐसे में जिला स्तर पर सभी विभागों को पूरी गंभीरता के साथ इसमें भाग लेना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य युवाओं और समाज के अन्य वर्गों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक बनाना है।

पंचायत प्रतिनिधियों को भी किया जाएगा जागरूक

उपायुक्त ने कहा कि हाल ही में चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों की पहली बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नशा विरोधी विषय को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। उनका मानना है कि गांव स्तर पर जनप्रतिनिधि जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत स्तर पर नशे के खिलाफ मजबूत माहौल तैयार किया जाए तो इसका सकारात्मक असर पूरे समाज पर दिखाई देगा। इसी उद्देश्य से पंचायत प्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ा जा रहा है।

दिव्यांगजनों के अधिकारों पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत गठित स्थानीय समिति की समीक्षा भी की गई। उपायुक्त ने बताया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से प्रभावित 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए कानूनी अभिभावक नियुक्त करना आवश्यक होता है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अब तक 211 दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस तिमाही में समिति को कोई नया आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

सरकारी भवनों में दिव्यांगों के लिए हों बेहतर सुविधाएं

जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी भवनों, अस्पतालों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं और कार्यालयों में दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने विशेष रूप से मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए दस्तावेज और अन्य जरूरी कार्यों को सरल बनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए।

अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की समीक्षा

बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में इस अधिनियम के अंतर्गत एक नया मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा सात पुराने मामलों की जांच जारी है जबकि तीन मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार की गई है। कई अन्य मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। उपायुक्त ने पुलिस और अभियोजन विभाग को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Read Also: नशे के खिलाफ एकजुट होगा जिला, 26 जून को मनाया जाएगा एंटी चिट्टा दिवस

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर दिया जोर

हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम-2013 के तहत गठित समिति की बैठक में उपायुक्त ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण और किट उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच भी करवाई जानी चाहिए ताकि किसी प्रकार का जोखिम न रहे।

बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों और अन्य सामाजिक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस विभाग, नगर निगम, अभियोजन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सामाजिक कल्याण, दिव्यांग अधिकारों और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर आने वाले समय में और अधिक प्रभावी कार्य किए जाएंगे ताकि समाज के सभी वर्गों को इसका लाभ मिल सके।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #हमीरपुर
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
गौवंश को बचाने के चक्कर में बड़ा हादसा! ऊना में हाईवे पर पलटा ट्रक, यातायात हुआ प्रभावित माता ज्वाला की कृपा से पूरी हुई मनोकामना, भक्त ने भेंट किया 1 किलो चांदी का छत्र सिरमौर के 640 किसानों को मिला MSP का लाभ, 3 दिन में खाते में पहुंचा पैसा पालमपुर में किसानों को मिला नया मार्गदर्शन, खेती और कमाई पर फोकस E20 पेट्रोल पर उठे नए सवाल, चींटियों के दावे पर BPCL ने बताई पूरी सच्चाई नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, अब एचआरटीसी बसों में नहीं देना होगा किराया हमीरपुर में योग दिवस का मेगा आयोजन, ट्रैफिक और सुरक्षा पर विशेष फोकस हिमाचल में स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत, डॉक्टरों के लिए बड़ा फैसला