पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने लोगों को किया सम्मानित, कार्यक्रम में दिखी राष्ट्रीय एकता
पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने लोगों को किया सम्मानित, कार्यक्रम में दिखी राष्ट्रीय एकता

Post by : Himachal Bureau

June 20, 2026 6:13 p.m. 838

एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राजभवन स्थित लोक भवन में पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश में रहने वाले पश्चिम बंगाल के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और विरासत को साझा करते हुए राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर माहौल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने पश्चिम बंगाल की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर की झलक प्रस्तुत की। साथ ही आपसी संवाद के माध्यम से एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और सम्मान देने का संदेश भी दिया गया।

राज्यपाल ने किया आत्मीय स्वागत

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल से जुड़े लोगों को हिमाचली टोपी और सम्मान स्वरूप मफलर भेंट किए। यह सम्मान आपसी भाईचारे, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना गया।

राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, कला, संगीत और सामाजिक योगदान के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मिला बल

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस पर आयोजित किए जाने वाले मिलन कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं के करीब लाने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोग अपने मूल राज्य से जुड़े रहते हैं और साथ ही उस राज्य के समाज का भी अभिन्न हिस्सा बन जाते हैं जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं। इससे राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को नई मजबूती मिलती है।

विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत

राज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पहचान उसकी विविधता में एकता है। देश के अलग-अलग राज्यों की भाषाएं, संस्कृतियां, खानपान और परंपराएं भले ही अलग हों, लेकिन सभी मिलकर भारत की मजबूत सांस्कृतिक पहचान बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के बीच सम्मान, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। यह पहल लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं को समझने और उनका सम्मान करने के लिए प्रेरित करती है।

संस्कृति और परंपराओं को सहेजने पर जोर

राज्यपाल ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि हर राज्य की संस्कृति, भाषा और परंपरा को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहना आवश्यक है। यदि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझेंगी, तभी देश की समृद्ध विरासत सुरक्षित रह सकेगी।

Read Also: हमीरपुर में योग दिवस का प्रेरणादायक आयोजन, बच्चों ने सीखे जीवन के बड़े सबक

प्रतिभागियों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल से जुड़े लोगों ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, त्योहारों, साहित्य, कला और खानपान के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की संस्कृति देश की सबसे समृद्ध और विविध संस्कृतियों में से एक मानी जाती है।

प्रतिभागियों ने राज्यपाल के साथ संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और ऐसे आयोजनों की सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें अपने राज्य से जुड़ाव का एहसास कराते हैं और साथ ही अन्य राज्यों की संस्कृति को जानने का अवसर भी देते हैं।

राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश

लोक भवन में आयोजित यह मिलन कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सम्मान और सामाजिक समरसता का मजबूत संदेश देने वाला मंच भी बना। कार्यक्रम ने यह दिखाया कि अलग-अलग राज्यों की पहचान और परंपराओं का सम्मान करते हुए भी देश को एक मजबूत सूत्र में बांधा जा सकता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक विविधता को भारत की शक्ति बताते हुए आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी मौजूद रहे।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
मां आशापुरी मंदिर का इतिहास, पांडवों से जुड़ी हैं कई मान्यताएं चंबा मिंजर मेला समापन समारोह में CM सुक्खू करेंगे अध्यक्षता, कई सौगातें किन्नर कैलाश यात्रा शुरू, पहले दिन 115 श्रद्धालुओं ने किया पवित्र प्रस्थान मणिमहेश यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु महिमा, आस्था और भारतीय संस्कृति का महान पर्व कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता रजत पदक लगातार छठे दिन बंद रही माता वैष्णो देवी यात्रा, श्रद्धालुओं का इंतजार जारी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, किन्नर कैलाश यात्रा जारी रखने के आदेश