Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर में नशे की समस्या से निपटने और जिले को नशामुक्त बनाने के लिए शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से यह कार्यशाला राष्ट्रीय कार्य योजना फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) के तहत होटल हमीर में आयोजित हुई। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया।
कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने कहा कि नशे की समस्या को रोकना केवल सरकार, पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो किसी भी परिवार को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने और नशे की मांग को कम करने के लिए विभिन्न एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं। इसके बावजूद जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का सहयोग जरूरी है।
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अभिषेक गर्ग ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए अब सुनियोजित, सामूहिक और वैज्ञानिक तरीके से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में नशे की समस्या के कारणों और इसके निवारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में नशे के खिलाफ जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि इस अभियान के बेहतर परिणाम सामने आ सकें।
कार्यशाला के मुख्य वक्ताओं विजय कुमार और पंकज पंडित ने अलग-अलग सत्रों में प्रतिभागियों को नशे की समस्या के मूल कारणों, बचाव और उपचार के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने नशे के स्वास्थ्य, मानसिक, पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के साथ अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि नशे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लंबे समय की समग्र योजना के साथ काम करना जरूरी है। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी और सहयोग आवश्यक है।
कार्यशाला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज और उद्योग विभाग सहित नशा उन्मूलन अभियान से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया। कार्यशाला की शुरुआत में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने मुख्य अतिथि, वक्ताओं और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने जिले में नशामुक्त भारत अभियान और एनएपीडीडीआर के तहत चल रही विभिन्न जागरूकता गतिविधियों की जानकारी भी दी।
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