Post by : Himachal Bureau
ग्राम पंचायत अग्घार के तहत आने वाले चौकड़ गांव में गुरुवार देर रात एक भीषण अग्निकांड ने तीन परिवारों की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। रात के सन्नाटे में अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में तीन स्लेटपोश मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते घर आग के विशाल गोले में तब्दील हो गए और वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान राख में बदल गया। इस हादसे में तीन परिवारों को करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात करीब एक बजे चौकड़ गांव के लोगों ने अचानक आग की लपटें उठती हुई देखीं। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी तेजी से फैल जाएगी। लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण कुछ ही समय में आग ने एक के बाद एक तीन मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि दूर-दूर तक इसकी लपटें दिखाई दे रही थीं।
जब मकानों में रहने वाले लोगों को आग लगने का पता चला तो परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत घरों से बाहर निकल आए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। इस दौरान गांव के लोग बाल्टियों और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग लगातार फैलती रही। मकानों में रखा घरेलू सामान, फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुएं आग की भेंट चढ़ती रहीं।
दमकल विभाग के पहुंचने तक आग ने तीनों मकानों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा दिया था। इसके बावजूद अग्निशमन कर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मशक्कत करते हुए आग को आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से रोक दिया। कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। यदि समय रहते दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंचता तो आग आसपास के अन्य घरों तक भी फैल सकती थी और नुकसान कहीं अधिक बढ़ सकता था।
अग्निकांड में घरों के भीतर रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से टीवी, फ्रिज, बिजली के उपकरण, बिस्तर, फर्नीचर, कपड़े, रसोई का सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। पीड़ित परिवारों के लिए यह नुकसान केवल आर्थिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है, क्योंकि घरों में रखा वर्षों पुराना सामान और यादें भी इस आग में स्वाहा हो गईं।
घटना के बाद प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही रात में उनके सिर से आशियाना छिन गया और जीवनभर की जमा पूंजी राख में बदल गई। परिवारों के सामने अब रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने भी पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
अग्घार पंचायत के नवनियुक्त प्रधान अश्वनी चंबियाल ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और तीन परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने अग्निशमन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि यदि दमकल विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था।
उन्होंने बताया कि फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि किसी चिंगारी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की हो सकती है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गांव के लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकांश मकान एक-दूसरे के काफी करीब बने होते हैं। ऐसे में आग लगने की घटनाएं बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से गांवों में अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रधान अश्वनी चंबियाल ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपना घर और सामान खो दिया है, उन्हें राहत और पुनर्वास की तत्काल आवश्यकता है।
चौकड़ गांव में हुए इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर आग से सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। हालांकि सबसे बड़ी राहत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन तीन परिवारों के सपने और उनकी वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई। अब सभी की नजर प्रशासन की ओर है, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके और वे अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकें।
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