WhatsApp मैसेज पर नौकरी से निकाले HRTC कंडक्टर की बहाली, हाईकोर्ट ने रद्द किया बर्खास्तगी आदेश
WhatsApp मैसेज पर नौकरी से निकाले HRTC कंडक्टर की बहाली, हाईकोर्ट ने रद्द किया बर्खास्तगी आदेश

Post by : Himachal Bureau

Sept. 23, 2026 12:36 p.m. 108

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट आधारित कंडक्टर सुनील कुमार को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा समाप्ति का आदेश रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि निजी WhatsApp ग्रुप में कर्मचारियों की ओर से अपनी शिकायत या निराशा जाहिर करना अपने आप में सार्वजनिक आलोचना नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एचआरटीसी को सुनील कुमार को सेवा में बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

2021 में कॉन्ट्रैक्ट पर हुई थी नियुक्ति

सुनील कुमार की नियुक्ति वर्ष 2021 में एचआरटीसी में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर कंडक्टर के रूप में हुई थी। सितंबर 2023 में कुछ कंडक्टरों ने ‘हिमाचल परिचालक एकता’ नाम से WhatsApp ग्रुप बनाया था। इसी ग्रुप में सुनील कुमार ने एचआरटीसी के नए नियमों को लेकर दो सामान्य संदेश साझा किए थे। इन संदेशों में नए नियमों की समीक्षा और कर्मचारियों के लिए उनके संभावित फायदे और नुकसान पर चर्चा की गई थी। एचआरटीसी प्रबंधन ने इन संदेशों को सोशल मीडिया संबंधी दिशानिर्देशों और सुनील कुमार के कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघ.

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अक्टूबर 2023 में समाप्त कर दी गई थी सेवा

WhatsApp संदेशों को लेकर कार्रवाई करते हुए एचआरटीसी ने 10 अक्टूबर 2023 को सुनील कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया और सेवा समाप्ति के आदेश को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कर्मचारी और प्रबंधन के बीच शिकायतों के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि किसी भी संगठन के कर्मचारियों का प्रबंधन के प्रति शिकायत रखना स्वाभाविक है और ऐसी शिकायतों को सामने रखने से संगठन के कामकाज में सुधार की संभावना भी हो सकती है।

निजी WhatsApp बातचीत को नहीं माना सार्वजनिक आलोचना

अदालत ने माना कि निजी WhatsApp बातचीत को सार्वजनिक आलोचना के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट के अनुसार, जब तक कर्मचारी की अभिव्यक्ति से सीधे तौर पर संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचता, तब तक प्रबंधन को ऐसी बातचीत में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि एचआरटीसी ने सुनील कुमार को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के स्तर पर ही यह राय बना ली थी कि वह सेवा में बने रहने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। अदालत के अनुसार इससे अनुशासनात्मक प्रक्रिया के निष्पक्ष संचालन पर सवाल खड़ा हुआ।

कर्मचारियों की शिकायत और संगठन के हित पर कोर्ट की टिप्पणीHRTC Conductor Case: WhatsApp मैसेज पर बड़ी राहत

हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों को सामने आने देना कई बार संगठन के हित में भी हो सकता है, क्योंकि इससे समस्याओं की पहचान और सुधार का रास्ता खुल सकता है। हालांकि अदालत की टिप्पणी का संदर्भ इस मामले में निजी WhatsApp बातचीत और संबंधित सेवा कार्रवाई से था। फैसले के बाद सुनील कुमार के लिए दो साल से चली आ रही सेवा संबंधी कानूनी लड़ाई में राहत का रास्ता खुल गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, एचआरटीसी की ओर से अक्टूबर 2023 में लिया गया सेवा समाप्ति का फैसला कायम नहीं रहा।

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