सड़क हादसे के घायलों को मिलेगा डेढ़ लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, डीसी गंधर्वा राठौड़
सड़क हादसे के घायलों को मिलेगा डेढ़ लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, डीसी गंधर्वा राठौड़

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 6, 2026 12:54 p.m. 125

हमीरपुर जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने पर जोर दिया है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि सड़क हादसों में घायल होने वाले किसी भी व्यक्ति को उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार की विशेष राहत योजना के तहत घायलों को अस्पतालों में निःशुल्क और कैशलैस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को बिना किसी आर्थिक बोझ के तुरंत इलाज उपलब्ध कराना है।

हमीर भवन में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के मामलों में त्वरित चिकित्सा सहायता जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना के बाद 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होने वाले घायल व्यक्ति का अधिकतम सात दिनों तक उपचार कराया जा सकता है। इस अवधि में डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कैशलैस इलाज की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है। कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल घायल व्यक्ति को भर्ती करने से मना नहीं कर सकता। प्रशासन का प्रयास है कि दुर्घटना के बाद उपचार शुरू होने में किसी प्रकार की देरी न हो और मरीज को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन डाटा अपलोडिंग की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। जैसे ही दुर्घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारी निर्धारित पोर्टल पर दर्ज की जाती है, घायल व्यक्ति को योजना का लाभ मिलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसलिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को ऑनलाइन प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि अस्पताल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी अस्पताल को तकनीकी सहायता या प्रशिक्षण की जरूरत हो तो संबंधित विभाग को तुरंत जानकारी दी जाए। इसके अलावा अस्पताल परिसरों में योजना से संबंधित सूचना बोर्ड और पोस्टर भी लगाए जाएं ताकि लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जा सके।

कार्यशाला में अधिकारियों को पीएम राहत योजना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के मामलों में सही और समय पर डाटा अपलोड करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उपचार प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।

उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा की जानकारी मिलनी चाहिए ताकि दुर्घटना की स्थिति में कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि मुफ्त इलाज की यह सुविधा प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचे और सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि हमीरपुर प्रशासन सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों की सहायता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सभी संबंधित विभागों के सहयोग से इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि जरूरत के समय लोगों को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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