ऊना में आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क से कानून व्यवस्था और सुरक्षा हुई मजबूत
ऊना में आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क से कानून व्यवस्था और सुरक्षा हुई मजबूत

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

July 24, 2026 5:20 p.m. 314

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में कानून व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत अत्याधुनिक तकनीक आधारित निगरानी तंत्र विकसित किया है, जिससे जिले के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, मुख्य चौकों और संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन की पहल पर जिला रेडक्रॉस सोसायटी तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग से यह परियोजना विकसित की गई है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया यह निगरानी नेटवर्क अब जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहा है। इस पूरी व्यवस्था के बाद CCTV Camera, ANPR, ITMS, Road Safety, और Traffic Management जैसे विषय लोगों के बीच सबसे अधिक चर्चा में हैं।

12.50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार हुआ आधुनिक निगरानी तंत्र

जिला प्रशासन के अनुसार ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम के तहत आधुनिक निगरानी व्यवस्था विकसित करने के लिए 12.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग और अन्य सरकारी विभागों के समन्वय से भी इस परियोजना का विस्तार किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य जिले के प्रत्येक महत्वपूर्ण क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है। इस परियोजना के अंतर्गत ऊना, अंब, बंगाणा, मेहतपुर और चिंतपूर्णी सहित विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से वाहनों की आवाजाही, सार्वजनिक गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

50 स्थानों पर एएनपीआर प्रणाली, 300 से अधिक कैमरों का नेटवर्क

जिले के 50 महत्वपूर्ण स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली स्थापित की गई है। प्रत्येक स्थान पर दो एएनपीआर कैमरे और दो एविडेंस कैमरे लगाए गए हैं, जिससे वाहनों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा ऊना शहर में अलग से 100 आधुनिक कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनमें एएनपीआर कैमरे, एविडेंस कैमरे तथा पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे शामिल हैं। इन सभी कैमरों की निगरानी अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से चौबीसों घंटे की जा रही है, जिससे किसी भी घटना की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई जा सकती है।

यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को भी मिली मजबूती

यह परियोजना केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिले के विभिन्न स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया गया है, जिससे यातायात नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही कई स्थानों पर व्हीकल एक्ट्यूएटेड स्पीड साइनेज भी लगाए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखी जा रही है और वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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अन्य क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जा रहा नेटवर्क

प्रशासन ने निगरानी तंत्र का विस्तार जिले के अन्य हिस्सों तक भी किया है। बंगाणा, गगरेट और हरोली जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आधुनिक कैमरे स्थापित किए गए हैं। विशेष रूप से हरोली में अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर विकसित किया गया है, जहां से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी स्थायी और तकनीक आधारित व्यवस्थाएं विकसित करना है, जिनसे आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक निगरानी तंत्र के माध्यम से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून व्यवस्था में सुधार और सड़क सुरक्षा को भविष्य में और अधिक मजबूती मिलेगी।

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