Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में वन विभाग ने अवैध देवदार कटान और लकड़ी तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया है। सुकेत वन मंडल के जयदेवी वन परिक्षेत्र में देर रात गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से बड़ी मात्रा में देवदार की लकड़ी, एक पिकअप वाहन और लकड़ी काटने के औजार भी बरामद किए गए। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग और पुलिस ने मामले की संयुक्त जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग को मिली सफलता
वन विभाग की टीम सोमवार तड़के करीब 2:15 बजे नियमित रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान डिमार्केटेड संरक्षित वन च्योरा में एक पिकअप वाहन में देवदार की लकड़ी लोड किए जाने की गतिविधि दिखाई दी। संदेह होने पर टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। यह पूरी कार्रवाई उप वन क्षेत्राधिकारी रामलाल के नेतृत्व में की गई।
मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?
वन विभाग की टीम ने मौके से पिकअप वाहन में लोड 10 देवदार के लट्ठे और सड़क किनारे रखे 15 अन्य लट्ठे बरामद किए। इसके अलावा एक आरा और एक कुल्हाड़ी भी जब्त की गई। बरामद लकड़ी का कुल आयतन लगभग 1.230 घन मीटर बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.40 लाख रुपये है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि संरक्षित वन च्योरा से कुल नौ देवदार के पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया था। इनमें छह चौथी श्रेणी और तीन पांचवीं श्रेणी के पेड़ शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बरामद लकड़ी पर वन विभाग का अनिवार्य हैमर मार्क नहीं था और आरोपियों के पास लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध ट्रांजिट परमिट या अन्य अधिकृत दस्तावेज भी नहीं मिले। इससे प्रथम दृष्टया अवैध कटान और तस्करी की पुष्टि होती है।
Read Also: गगरेट में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, स्कॉर्पियो से खैर की लकड़ी बरामद
किन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार?
वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दो अन्य आरोपियों की पहचान भी हो गई है, जो घटना के समय मौके से फरार हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई जारी
वन विभाग ने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस चौकी निहरी में दर्ज करवाई है। पुलिस ने बरामद लकड़ी, पिकअप वाहन और लकड़ी काटने में इस्तेमाल किए गए औजारों को कब्जे में ले लिया है। मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं ताकि जांच को मजबूत बनाया जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस अवैध कटान के पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
देवदार के पेड़ों की सुरक्षा क्यों जरूरी है?
देवदार हिमाचल प्रदेश का एक महत्वपूर्ण वन वृक्ष है, जो पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के लिए बेहद अहम माना जाता है। अवैध कटान से जंगलों को नुकसान पहुंचता है और प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित होता है। इसलिए वन विभाग समय-समय पर गश्त और विशेष अभियान चलाकर ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास करता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। वन विभाग और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध वन कटान और लकड़ी तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर