Post by : Himachal Bureau
युल्ला कांडा (Yulla Kanda) हिमाचल प्रदेश के किन्नौर (Kinnaur) जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक और ट्रेकिंग Destination है। समुद्र तल से लगभग 4,800 मीटर (15,750 फीट) की ऊंचाई पर बना यह भगवान श्रीकृष्ण का Temple दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर माना जाता है। मंदिर के पास स्थित शांत Yulla Lake, चारों ओर फैले Bugyal, बर्फ से ढके पहाड़ और हिमालय के मनमोहक दृश्य इस जगह को बेहद खास बनाते हैं।
हर साल जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंचते हैं। वहीं Trekking और Adventure पसंद करने वाले लोग भी इस Trek को अपनी Bucket List में शामिल करते हैं। अगर आप भी हिमाचल में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं, जहां धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और रोमांच का अनोखा अनुभव मिले, तो युल्ला कांडा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
युल्ला कांडा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है। यह स्थान युल्ला गांव (Yulla Village) के ऊपर ऊंची पहाड़ियों में बना हुआ है। गांव तक सड़क मार्ग उपलब्ध है, लेकिन मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल Trek करना पड़ता है। किन्नौर अपने सेब के बागानों, शांत गांवों, प्राचीन मंदिरों और हिमालय के शानदार नजारों के लिए जाना जाता है। युल्ला कांडा इन्हीं खूबसूरत जगहों में से एक है, जहां हर साल हजारों पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं।
युल्ला कांडा अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम सामान्य पहाड़ी इलाकों की तुलना में काफी ठंडा रहता है। सुबह और शाम तापमान तेजी से गिर सकता है। इसलिए गर्मियों में भी यहां गर्म कपड़े साथ रखना जरूरी होता है।
अगर आप दिल्ली, चंडीगढ़ या किसी अन्य शहर से आ रहे हैं, तो सबसे पहले आपको शिमला पहुंचना होगा। शिमला तक सड़क, रेल और हवाई मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
शिमला से सड़क मार्ग के जरिए रामपुर, रिकांग पिओ होते हुए युल्ला गांव पहुंचा जा सकता है। यह सफर पहाड़ों के बीच से गुजरता है और रास्ते में सतलुज नदी, सेब के बाग और खूबसूरत घाटियां देखने को मिलती हैं।
युल्ला गांव से मंदिर तक पैदल Trek शुरू होता है। Trek का रास्ता लगातार चढ़ाई वाला है और इसमें कई जगह पत्थरीले रास्ते, घास के मैदान और छोटे-छोटे पानी के स्रोत मिलते हैं। पहली बार आने वाले यात्रियों को स्थानीय Guide के साथ Trek करने की सलाह दी जाती है।
युल्ला कांडा Trek को Moderate to Difficult श्रेणी में रखा जाता है। अगर आपकी Fitness सामान्य है और आपने पहले छोटे Trek किए हैं, तो थोड़ी तैयारी के साथ इस Trek को पूरा किया जा सकता है। रास्ते में ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे कम होता जाता है। इसलिए जल्दीबाजी करने के बजाय आराम-आराम से चढ़ाई करना बेहतर रहता है। बीच-बीच में रुककर पानी पीना और शरीर को आराम देना भी जरूरी है।
युल्ला कांडा जाने से पहले सही तैयारी करना बहुत जरूरी है।
अगर आप रात रुकने की योजना बना रहे हैं, तो Camping Gear या पहले से Stay की व्यवस्था की जानकारी भी ले लें।
युल्ला कांडा के पास होटल बहुत कम हैं। अधिकतर यात्री रिकांग पिओ, कल्पा या आसपास के गांवों में Homestay और Hotels में रुकते हैं। यदि आप Trek को आराम से पूरा करना चाहते हैं, तो एक दिन पहले किन्नौर पहुंचकर रुकना बेहतर रहेगा। इससे शरीर ऊंचाई के अनुसार खुद को ढाल लेता है।
युल्ला कांडा घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से सितंबर माना जाता है। इस दौरान बर्फ पिघल चुकी होती है और Trek Route खुला रहता है। अगर आपका उद्देश्य जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होना है, तो उसी समय यात्रा की योजना बनाएं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण Trek करना काफी कठिन हो सकता है।
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