मंडी में रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, कानूनगो और पटवारी गिरफ्तार
मंडी में रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, कानूनगो और पटवारी गिरफ्तार

Author : Rajesh Vyas

July 24, 2026 2:55 p.m. 140

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कानूनगो, पटवारी और उनके एक सहायक को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों पर जमीन के म्यूटेशन का कार्य करने के बदले शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया और शिकायत सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनगो और पटवारी को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद Mandi News, Vigilance, Bribery, Mutation, और Corruption जैसे विषय प्रदेशभर में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई बेहद जरूरी है।

शिकायत के बाद विजिलेंस ने तैयार की रणनीति

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग से संपर्क कर आरोप लगाया था कि उसकी जमीन का म्यूटेशन करने के लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पहले पूरे मामले का गुप्त सत्यापन किया। जब प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई, तब अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किस्त देने के लिए भेजा गया। जैसे ही सहायक ने एक लाख रुपये की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।

पूछताछ में कानूनगो और पटवारी की भूमिका आई सामने

सहायक की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने उससे विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित कानूनगो और पटवारी की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद दोनों अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले भी इस प्रकार की शिकायतें सामने आई थीं या नहीं।

दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की हो रही जांच

विजिलेंस टीम अब संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, म्यूटेशन से जुड़े दस्तावेजों और आरोपियों के बीच हुए संभावित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान कोई और तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि रिश्वत मांगने की प्रक्रिया कब से चल रही थी और क्या अन्य लोगों से भी इसी तरह अवैध धन की मांग की गई थी। सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

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भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

विजिलेंस विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने या लेने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में उनसे अवैध रूप से धन की मांग की जाती है तो उसकी सूचना तुरंत विजिलेंस या संबंधित एजेंसियों को दें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी। फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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