लाहौल-स्पीति में भीषण भूस्खलन, यात्री वाहन पर गिरी चट्टानें, 13 की मौत
लाहौल-स्पीति में भीषण भूस्खलन, यात्री वाहन पर गिरी चट्टानें, 13 की मौत

Post by : Himachal Bureau

July 24, 2026 6:02 p.m. 128

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर कडू नाला के समीप अचानक हुए भीषण भूस्खलन ने यात्रियों से भरे एक वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें वाहन पर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस हादसे के बाद Lahaul Spiti, Landslide, Heavy Rain, Rescue Operation, और Himachal News जैसे विषय देशभर में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

पांगी लौट रहे थे सभी यात्री

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन में सवार सभी यात्री पांगी घाटी के रहने वाले थे और उदयपुर से अपने घर लौट रहे थे। वाहन अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रहा था। जैसे ही वह कडू नाला क्षेत्र के पास पहुंचा, अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। कुछ ही क्षणों में भारी मलबा और चट्टानें सीधे वाहन पर आ गिरीं। हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में बैठे लोगों को बाहर निकलने का अवसर तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही सेकंड में पूरा वाहन मलबे के नीचे दब गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

एक दिन पहले मार्ग था बंद

बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग पहले ही भूस्खलन की वजह से प्रभावित था। मार्ग बंद होने के कारण यात्रियों को एक रात बीच रास्ते में रुकना पड़ा। सड़क आंशिक रूप से बहाल होने के बाद शुक्रवार को वाहन ने आगे का सफर शुरू किया, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद यह भीषण हादसा हो गया। लगातार वर्षा के चलते पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन पहले से ही लोगों को संवेदनशील मार्गों पर सावधानी बरतने की सलाह देता रहा है।

राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन, स्थानीय बचाव दल और अन्य संबंधित एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने के लिए मशीनों और आवश्यक उपकरणों की मदद ली जा रही है। घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि मृतकों की पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार खराब मौसम और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत कार्य में चुनौतियां आ रही हैं, लेकिन सभी एजेंसियां समन्वय के साथ अभियान चला रही हैं।

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प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अपील की है कि लगातार वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और राहत कार्य पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए संवेदनशील मार्गों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।

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