चंबा में सालों से बंद ट्रैफिक लाइटें यातायात सुधार की उठी मांग
चंबा में सालों से बंद ट्रैफिक लाइटें यातायात सुधार की उठी मांग

Post by : Ram Chandar

Feb. 27, 2026 11:15 a.m. 159

चंबा: जिला मुख्यालय चंबा में भरमौर–पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर लाखों रुपये की लागत से स्थापित ट्रैफिक लाइटें पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि इन लाइटों में न लाल संकेत काम कर रहा है, न हरी और न ही पीली बत्ती, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह मैनुअल और अव्यवस्थित होकर रह गई है।

ये ट्रैफिक लाइटें चंबा बस स्टैंड, सुल्तानपुर तथा जुलाहकड़ी मार्ग सहित शहर के व्यस्त चौराहों पर लगाई गई थीं। प्रारंभिक समय में ये सुचारू रूप से संचालित होती रहीं, लेकिन समय पर रखरखाव और मरम्मत न होने के कारण धीरे-धीरे इनकी कार्यक्षमता समाप्त हो गई। वर्तमान में ये केवल खंभों पर लगे निष्क्रिय उपकरणों के रूप में दिखाई देती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक लाइटें बंद रहने से वाहन चालक भी सिग्नल प्रणाली के नियमों से अनभिज्ञ होते जा रहे हैं। इसका असर तब देखने को मिलता है जब चालक अन्य जिलों या राज्यों में जाते हैं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी चालान का सामना करना पड़ता है।

हालांकि पुलिस विभाग द्वारा शहर और हाईवे के कुछ हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, लेकिन नागरिकों का मानना है कि केवल निगरानी और चालान व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। ट्रैफिक लाइटों के सुचारू संचालन से मुख्य चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत मिल सकती है और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आ सकती है।

शहरवासियों का कहना है कि जब इन लाइटों की स्थापना पर सरकारी धन खर्च किया गया है, तो इनके नियमित संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से जल्द मरम्मत कर इन्हें चालू करने की मांग की है।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि ट्रैफिक लाइटें काफी समय पहले स्थापित की गई थीं। अब उनकी मरम्मत और पुनः संचालन के लिए जिला प्रशासन से बजट की मांग की जाएगी, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

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