1 मार्च को बिलासपुर में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन तैयारियां पूरी
1 मार्च को बिलासपुर में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन तैयारियां पूरी

Post by : Ram Chandar

Feb. 28, 2026 10:32 a.m. 157

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा नई परिसर (कॉम्प्लेक्स) प्रणाली के विरोध में 1 मार्च को जिला मुख्यालय पर आग्रह रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली के माध्यम से शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष मजबूती से रखेंगे तथा जारी अधिसूचना को वापस लेने की मांग करेंगे।

संघ के जिला प्रधान राकेश पटियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रदर्शन में जिले के सभी छह शिक्षा खंडों के 117 केंद्रों से प्राथमिक शिक्षक भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कर्मचारी और जेबीटी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी भी रैली में शामिल होंगे। अनुमान है कि इस प्रदर्शन में लगभग 2,500 लोग भाग लेंगे, जिससे यह आंदोलन जिले के स्तर पर एक बड़ा रूप ले सकता है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा 23 सितंबर 2025 को जारी नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना को लेकर शिक्षकों में गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है। शिक्षकों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इस मुद्दे को लेकर संघ की राज्य कार्यकारिणी, राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा के नेतृत्व में, पिछले तीन महीनों के दौरान कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत कर चुकी है। इसके साथ ही संघ द्वारा प्रदेश के विभिन्न विधायकों और मंत्रियों को भी ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था के संभावित दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया है।

शिक्षक संघ का कहना है कि 1 मार्च को आयोजित की जा रही यह आग्रह रैली सरकार और विभाग के लिए एक अंतिम अवसर है, ताकि शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जा सके और वार्ता के माध्यम से समाधान निकाला जाए। यदि समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो शिक्षक भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते हैं।

रैली को सफल बनाने के लिए जिले के सभी खंडों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। शिक्षकों में इस आंदोलन को लेकर व्यापक समर्थन और एकजुटता देखने को मिल रही है। संघ के पदाधिकारियों ने सभी शिक्षकों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाया जा सके।

वहीं, यह आंदोलन केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य स्तर पर भी 1 मार्च को हिमाचल प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में इसी मुद्दे को लेकर आग्रह रैलियों का आयोजन किया जाएगा। राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुसार प्रदेशभर में इन प्रदर्शनों में 12,000 से अधिक प्राथमिक शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है।

इन रैलियों के माध्यम से संबंधित जिला उपायुक्तों के जरिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ज्ञापन में नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना को वापस लेने और प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर शिक्षकों के साथ विस्तृत चर्चा करने की मांग की जाएगी।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है। अब सभी की निगाहें सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि यह मामला वार्ता से सुलझेगा या आंदोलन आगे और तेज होगा।

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