Author : Jyoti Bhalla
बिलासपुर जिला के एक प्राइमरी स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक लगभग 50 बच्चे पढ़ाई के लिए आ रहे हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक न होने के कारण कक्षाएं पूरी तरह से नहीं लग पा रही हैं। इससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय छात्र अब अन्य स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर हो रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने इस स्टाफ की कमी की समस्या को कई बार नेताओं और प्रशासन के समक्ष रखा है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल में कई पद लंबे समय से रिक्त हैं और पिछले एक साल से कोई नए शिक्षक तैनात नहीं किए गए हैं।
इस स्थिति में सवाल उठता है कि बिना पर्याप्त शिक्षक के स्कूल में पढ़ाई का स्तर और परीक्षा के परिणाम कैसे अच्छे रहेंगे। वहीं, सरकार और विभाग अच्छे परिणाम देने की बात करते हैं, लेकिन शिक्षक और स्टाफ की कमी के कारण यह मुश्किल नजर आता है। बच्चों की शिक्षा और भविष्य की चिंता बढ़ती जा रही है, जबकि सरकार केवल स्कूल खोलकर वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है।
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