घुमारवीं के हरलोग क्षेत्र की पहली महिला कैप्टन बनीं कंचन शर्मा
घुमारवीं के हरलोग क्षेत्र की पहली महिला कैप्टन बनीं कंचन शर्मा

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 17, 2026 12:48 p.m. 105

बिलासपुर। घुमारवीं उपमंडल के हरलोग क्षेत्र के गांव पाल्टी की रहने वाली कंचन शर्मा ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंचन शर्मा हरलोग क्षेत्र की पहली महिला कैप्टन बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कंचन शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चलेहली से पूरी की। गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत जारी रखी और वर्ष 2024 में लेफ्टिनेंट, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) ऑफिसर के रूप में चयनित होकर सैन्य सेवा में कदम रखा।

मुंबई के नेवी अस्पताल में दे रही हैं सेवाएं

कंचन शर्मा वर्तमान में मुंबई स्थित नेवी अस्पताल INHS अश्विनी में अपनी सेवाएं दे रही हैं। सैन्य क्षेत्र में अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अपने करियर में आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रखा। उनकी उपलब्धि खास तौर पर इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से हासिल की और इसके बाद निरंतर मेहनत के बल पर सैन्य सेवा में अधिकारी के पद तक पहुंचने का सफर तय किया।

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मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य से हासिल किया मुकाम

कंचन शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के जरिए यह संदेश दिया है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए लगातार प्रयास किया जाए तो परिस्थितियां सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बनतीं। हरलोग क्षेत्र की पहली महिला कैप्टन बनने के बाद कंचन शर्मा ने अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को भी सेना में अधिकारी बनने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।

परिवार ने हर कदम पर बढ़ाया हौसला

कंचन शर्मा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके माता-पिता के साथ सास-ससुर और पति ने उनके सफर में लगातार सहयोग किया। परिवार ने उनके लक्ष्य को समझते हुए हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कंचन शर्मा की उपलब्धि क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि गांव से निकलकर भी युवा देश की सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी कहानी उन बेटियों और युवाओं के लिए संदेश है, जो सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।

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