जेपी मॉर्गन की कृत्रिम बुद्धिमत्ता से 3.5 दिन की कार्यवाही संभव
जेपी मॉर्गन की कृत्रिम बुद्धिमत्ता से 3.5 दिन की कार्यवाही संभव

Post by : Shivani Kumari

Nov. 8, 2025 9:40 p.m. 280

जेपी मॉर्गन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भारी निवेश किया है और इसे बैंकिंग के हर क्षेत्र में लागू कर रहा है। बैंक के लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी सप्ताह में नियमित रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरणों का उपयोग करते हैं। इस तकनीक के जरिये धोखाधड़ी की जांच, दस्तावेजों की समीक्षा, और विपणन सहित अनेक कार्य तेजी से और सटीक तरीके से हो रहे हैं।

जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमन ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता हर व्यवसायी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आने वाले समय में इसका प्रभाव व्यापक होगा।

डिजिटल बैंकिंग का नया युग

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से बैंकिंग सेवाएं और भी सुलभ, तेज, तथा अधिक व्यक्तिगत बनेंगी। ग्राहक सेवा के क्षेत्र में चैटबॉट्स की सहायता से ग्राहक तुरंत अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। साथ ही, भुगतान प्रक्रिया, खातों का प्रबंधन, एवं सुरक्षा उपाय पूर्णतः स्वचालित होंगे।

नौकरी और सामाजिक प्रभाव

जेमी डिमन ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका के कारण कई पारंपरिक नौकरियां समाप्त होंगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि बैंक उन कर्मचारियों के पुनः प्रशिक्षण एवं नई भूमिकाओं में उनका स्थानांतरण सुनिश्चित कर रहा है। यह बदलाव कठिनाई लेकर आएगा लेकिन इसके साथ नई रोजगार संभावनाएं भी स्थापित होंगी।

बैंक की योजना रोजगार संकट को कम करने के लिए कर्मचारियों को पुनः सक्षम बनाने तथा सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करती है।

निवेश के लाभ और चुनौतियां

जेपी मॉर्गन का कार्यक्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए किया गया निवेश लगभग दो अरब डॉलर का है और इससे उसे लगभग इसी राशि का लाभ हुआ है। इस तकनीक के प्रयोग से कार्य कुशलता बढ़ी है और परिचालन लागत में कटौती हुई है।

फिर भी, इस तकनीक को स्थापित करने एवं बनाए रखने की लागत कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में निवेश करते समय सतर्कता आवश्यक है, क्योंकि कुछ परियोजनाएं अपेक्षित लाभ नहीं प्रदान कर पा रही हैं।

विश्व में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कार्यकुशलता

अन्य विश्वव्यापी तकनीकी दिग्गजों ने भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव को स्वीकार करते हुए कहा है कि भविष्य में काम के दिन घटकर तीन या चार रह सकते हैं। बिल गेट्स ने कहा कि इस तकनीक से जीवन और कार्य दोनों में गुणवत्ता बढ़ेगी।

इतिहास, कारण और आगामी संभावनाएं

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास पिछले दशक से तेज हुआ है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों में डिजिटलरण की तेजी इस तकनीक को अपनाने का मुख्य कारण है। भविष्य में इससे न केवल बैंकिंग क्षेत्र बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य उद्योगों में भी महत्वपूर्ण बदलाव आएंगा।

समान प्रेरक और उल्लेखनीय अर्थव्यवस्था-संबंधी कहानियां पढ़ें:

#ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #यात्रा समाचार
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
तिब्बत में भूकंप के दो झटके, 4.1 तीव्रता से हिला पहाड़ी इलाका चंबा: यौन शोषण केस में BJP विधायक हंसराज से पुलिस की पूछताछ हिमाचल: ऑपरेशन सिंदूर में आईआईटी मंडी के तैयार ड्रोन का अहम उपयोग हिमाचल: पुलिस गाड़ी पर CM की फोटो से विवाद, BJP ने उठाए सवाल अंडर-16 स्टेट कबड्डी चैंपियनशिप 15-16 नवंबर को हमीरपुर में शुरू IPL 2026 ट्रेड: जडेजा के डील के बीच चेन्नई सुपर किंग्स को झटका, गुजरात ने सुंदर के लिए ऑफर ठुकराया IND vs SA: ऋषभ पंत की वापसी पर बोले सौरव गांगुली, ध्रुव जुरेल की जगह पर जताई चिंता बॉलीवुड में चिंता की लहर: धर्मेंद्र के बाद प्रेम चोपड़ा की तबीयत नासाज़, अस्पताल में भर्ती