डलाह का ‘अपना पुस्तकालय’ बना ग्रामीण छात्रों की सफलता का केंद्र, रोज 50 से 60 विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई
डलाह का ‘अपना पुस्तकालय’ बना ग्रामीण छात्रों की सफलता का केंद्र, रोज 50 से 60 विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 17, 2026 2:42 p.m. 110

ऊना, 17 सितंबर, रजनीश कपिल। प्रदेश सरकार के सहयोग और जिला प्रशासन के प्रयासों से ग्राम पंचायत डलाह के पधर में स्थापित ‘अपना पुस्तकालय’ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। 27 फरवरी 2025 को शुरू हुए इस पुस्तकालय में विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। करीब 12 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए पुस्तकालय में एक समय में लगभग 60 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित करीब 500 पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर, वाई-फाई, बेहतर फर्नीचर, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सोलर सिस्टम और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। निजी अध्ययन को सुविधाजनक बनाने के लिए अलग अध्ययन केबिन भी उपलब्ध करवाए गए हैं।

115 विद्यार्थी ले चुके हैं सदस्यता

‘अपना पुस्तकालय’ की उपयोगिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक करीब 115 विद्यार्थी इसकी सदस्यता ले चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 50 से 60 विद्यार्थी यहां नियमित रूप से अध्ययन करने पहुंच रहे हैं। पुस्तकालय के संचालन में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उनकी एक समिति भी गठित की गई है। विद्यार्थी समिति के सदस्यों को पुस्तकालय से संबंधित अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने का अनुभव भी मिल रहा है।

Read Also: घुमारवीं के हरलोग क्षेत्र की पहली महिला कैप्टन बनीं कंचन शर्मा

तीन विद्यार्थियों ने SET परीक्षा की पास

पुस्तकालय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियां भी इसकी उपयोगिता को दर्शाती हैं। यहां तैयारी करने वाले तीन विद्यार्थियों ने राज्य पात्रता परीक्षा यानी SET उत्तीर्ण की है। इनमें दो युवा लेक्चरर और दो पुलिस कर्मियों सहित अन्य विद्यार्थियों की सफलता का भी उल्लेख किया गया है। कई अन्य विद्यार्थी अभी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। पुस्तकालय से लाभ लेने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि यहां उन्हें शांत वातावरण और आवश्यक अध्ययन सामग्री एक ही स्थान पर मिल जाती है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुविधा हो रही है।

निजी पुस्तकालय का खर्च हुआ कम

पुस्तकालय में अध्ययन कर रही तनुजा ने बताया कि पहले वह निजी पुस्तकालय में पढ़ाई करती थीं, लेकिन ‘अपना पुस्तकालय’ शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से यहीं अध्ययन कर रही हैं। उनका कहना है कि यहां विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है। पिछले करीब नौ महीने से पीजीटी की तैयारी कर रहे निखिल कुमार ने बताया कि निजी पुस्तकालयों की फीस कई विद्यार्थियों के लिए आर्थिक बोझ बनती है। ‘अपना पुस्तकालय’ शुरू होने से स्थानीय छात्रों को अपने क्षेत्र में ही अध्ययन की सुविधा मिल गई है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिल रही मदद

पिछले तीन महीने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं अंबिका ने बताया कि पुस्तकालय में परीक्षा से संबंधित जरूरी पुस्तकें उपलब्ध हैं। वाई-फाई की सुविधा के कारण विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से भी अध्ययन सामग्री का उपयोग कर सकते हैं। नर्सिंग की तैयारी कर रहीं सोनिया भी पिछले तीन महीने से पुस्तकालय में अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि निजी अध्ययन केबिन और नर्सिंग से संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता उनकी तैयारी में मदद कर रही है।

विद्यार्थियों की भागीदारी से चल रहा पुस्तकालय

विद्यार्थी समिति के अध्यक्ष सोमदत्त ने बताया कि पहले स्थानीय विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए निजी पुस्तकालयों या मंडी का रुख करना पड़ता था। अब गांव में ही अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को काफी लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि यहां पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों का सरकारी सेवाओं में चयन हुआ है और उन्होंने स्वयं भी राज्य पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है।

ग्रामीण विद्यार्थियों को समान अवसर देने पर जोर

एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर और समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि ‘अपना पुस्तकालय’ में पुस्तकों के साथ कंप्यूटर, वाई-फाई, सोलर बैकअप और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का पुस्तकालय पहुंचना इसकी उपयोगिता को दर्शाता है। डलाह का ‘अपना पुस्तकालय’ अब ग्रामीण युवाओं के लिए केवल अध्ययन स्थल नहीं रह गया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। प्रशासनिक सुविधाओं और विद्यार्थियों की मेहनत के इस मेल से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रहकर बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #ऊना
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प्रवक्ता