Post by : Ram Chandar
सोलन (हिमाचल प्रदेश) जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 23 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर विशेष स्वास्थ्य अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में पेट की कृमि और अनीमिया जैसी बीमारियों से बचाव करना है और उनके शारीरिक विकास और स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इस दौरान बच्चों को एल्बेंडाजोल और विटामिन-ए की टेबलेट वितरित की जाएंगी, जो उनकी प्रतिरक्षा और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर और स्कूल अध्यापकों की विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों को जिला कार्यालय में प्रशिक्षित किया गया ताकि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न आए और सभी बच्चे सुरक्षित रूप से दवाओं का सेवन कर सकें। विभाग ने स्कूलों में अभियान के लिए दवाओं का कोटा पहले ही भेजना शुरू कर दिया है और टीमों को बच्चों को दवा देने के सही तरीके की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस बार 1 से 19 वर्ष तक के लगभग 2,20,000 बच्चों को एल्बेंडाजोल टेबलेट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त 1 से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान के दौरान विशेष ध्यान बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ क्षेत्रों पर रखा जाएगा, ताकि इन क्षेत्रों के अधिक संख्या में बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, प्रवासी बच्चे और स्कूल छोड़ चुके बच्चे भी इस अभियान में शामिल होंगे और उन्हें भी दवाइयां प्रदान की जाएंगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवाड़ ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों के परिवारजनों को भी जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेट में कृमि होने से बच्चों का शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है और अनीमिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए 19 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए कृमिनाशक दवा का सेवन अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूलों और आंगनबाड़ियों से पूरा सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह उनके शारीरिक विकास, पोषण और भविष्य की सेहत को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
अभियान के दौरान बच्चों में दवाओं का सेवन और उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही टीमों द्वारा बच्चों और परिवारों को स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा भी दी जाएगी, ताकि इस तरह के प्रयास लंबे समय तक प्रभावशाली साबित हों और बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान बच्चों में स्वास्थ्य जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सोलन जिले में यह पहल बच्चों के जीवन में स्वस्थ जीवन और मजबूती लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है
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