हिमाचल में 51 दवाओं ने गुणवत्ता परीक्षण में फेल मरीजों में चिंता
हिमाचल में 51 दवाओं ने गुणवत्ता परीक्षण में फेल मरीजों में चिंता

Post by : Himachal Bureau

Jan. 22, 2026 5:01 p.m. 2195

हिमाचल प्रदेश की फ़ार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ में निर्मित 51 दवाएं, जिनमें खांसी की सिरप शामिल हैं, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।

ये दवाएं उन 167 नमूनों में शामिल थीं जो विभिन्न राज्यों से लिए गए और गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए।

छह खांसी और जुकाम की सिरप में अस्से, pH और अन्य तकनीकी मापदंडों में कमी पाई गई, जबकि कुछ इंजेक्शन में कण संबंधी दोष पाए गए, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर माने जाते हैं।

गोलियों, सिरप, नाक की स्प्रे, ड्रॉप्स, क्रीम और इंजेक्शन जैसी सामान्य दवाओं में भी कमियाँ पाई गईं, जिससे उनके निर्माण प्रोटोकॉल पर सवाल उठते हैं।

इन दवाओं का निर्माण बड्डी-नालागढ़, बरोटिवाला, सोलन, सन्सरपुर टेरेस, कला एम्ब, पौंता साहिब, परवाणू और ऊना के औद्योगिक क्षेत्रों में हुआ।

CDSCO ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियमित निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत हर महीने NSQ और नकली दवाओं की सूची सार्वजनिक की जाती है।

राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर फेल बैच को तुरंत बाजार से वापस बुलाया जा रहा है। विस्तृत जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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